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प्रश्न
क्या यह संभव है कि कोई पिंड बाह्य बल लगने के कारण त्वरित गति की अवस्था में तो होपरंतु उस पर बल द्वारा कोई कार्य न हो रहा हो। उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
हां, जब बल विस्थापन की दिशा के लंबवत दिशा में कार्य कर रहा होता है ।

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किसी वस्तु पर 7 N का बल लगता है। मान लीजिए बल की दिशा में विस्थापन 8 m है (चित्र)। मान लीजिए वस्तु के विस्थापन के समय लगातार वस्तु पर बल लगता रहता है। इस स्थिति में किया हुआ कार्य कितना होगा?

जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गए कार्य का व्यंजक लिखिए।
1 J कार्य को परिभाषित कीजिए।
निम्न क्रियाकलाप को ध्यान से देखिए। अपनी कार्य शब्द की व्याख्या के आधार पर तर्क दीजिए कि इसमें कार्य हो रहा है अथवा नहीं।
एक पाल-नाव पवन ऊर्जा के कारण गतिशील है।
कोई लड़की अपनी पीठ पर 3 kg द्रव्यमान का बस्ता उठाए किसी समतल सड़क पर 300m की दूरी तय करती है। उसके द्वारा गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध किया जाने वाला कार्य होगा (g = 10ms-2)
एक लड़का किसी सीधी सड़क पर 5N के घर्षण बल के विरुद्ध गतिमान है। 1.5 km की दूरी चलने के बाद वह 100m त्रिज्या के गोल चक्कर पर सही मार्ग भूल जाता है। परंतु वह उस वृत्ताकार पथ पर डेढ़ चक्कर लगाता है और फिर 2.0 km तक आगे जाता है। उसके द्वारा किया गया कार्य परिकलित कीजिए।

वृत्ताकार गति में घूमने वाली वस्तु का कार्य शून्य क्यों होता है?
नीचे दिए गए पर्यायों में से एक या अनेक अचूक पर्याय चुनो।
कार्य करने के लिए ऊर्जा को ______ होना पड़ता है।
- स्थानांतरित
- अभिसारित
- रूपांतरित
- नष्ट
एक मोटर का वेग 54 km/hr से 72 km/hr हो गया। यदि मोटर का द्रव्यमान 1500 kg है तो वेग बढ़ाने के लिए कितना कार्य करना पड़ेगा, बताइए।
रवि द्वारा एक पुस्तक पर 10 N बल लगाने से उस पुस्तक का बल की दिशा में 30 सेमी विस्थापन हुआ तो रवि द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
