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प्रश्न
कविता में से चुनकर पंक्ति नीचे दी गई है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
“सीमा-हीन गगन में उड़ते,
निर्भय विचरण करते हैं”
दीर्घउत्तर
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उत्तर
पक्षी बिना किसी सीमा या रोक-टोक के खुले आकाश में निर्भय होकर उड़ते-विचरण करते हैं। उन्हें न किसी की चिंता सताती है और न ही दूसरों की कमाई से अपना घर भरने का लोभ है। इस पंक्ति से हमें सीख मिलती है कि हमें भी लोभ, स्वार्थ और द्रोह जैसी बेड़ियों को तोड़कर निर्भय, स्वतंत्र और ईमानदार जीवन जीना चाहिए।
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