Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कविता में से चुनकर पंक्ति नीचे दी गई है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार कक्षा में अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
“उनके मन में लोभ नहीं है,
पाप नहीं, परवाह नहीं”
दीर्घउत्तर
Advertisements
उत्तर
पक्षियों के मन में कोई लालच नहीं है। वे कोई पाप नहीं करते और न ही संसार का सारा धन हड़पने की चाह रखते हैं। वे अपने परिश्रम से जितना मिलता है, उतना ही लेकर संतुष्ट हो जाते हैं और बचा हुआ भाग दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं। यह पंक्ति हमें संतोष, सादगी और परोपकार (दूसरों का भला करना) की सीख देती है।
shaalaa.com
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
