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प्रश्न
कोई वायुयान किसी निश्चित ऊँचाई पर किसी नियत चाल से आकाश में उड़ रहा है तथा इसके दोनों पंखों में प्रत्येक का क्षेत्रफल 25 m2 है। यदि वायु की चाल पंख के निचले पृष्ठ पर 180 kmh-1 तथा ऊपरी पृष्ठ पर 234 km h-1 है तो वायुयान की संहति ज्ञात कीजिए। (वायु का घनत्व 1 kgm-3 लीजिए)।
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उत्तर
वायुयान के एक पंख पर उत्थापक बल = (P2 – P1) × A
अतः दोनों पंखों पर उत्थापक बल F =2 (P2 – P1) × A
परन्तु बर्नूली प्रमेय से, `"P"_2 - "P"_1 = 1/2rho(upsilon_1^2 - upsilon_2^2)`
∴ `"F" = 2 xx 1/2 rho(upsilon_1^2 - upsilon_2^2) xx "A" = rho(upsilon_1^2 - upsilon_2^2) xx "A"`
यहाँ ρ = 1 km/m3; υ1 = 234 km/h
= `234 xx 5/18` m/s
= 13 × 5
= 65 m/s
υ2 = 180 km/h
= `180 xx 5/18` m/s
= 50 m/s
तथा A = 25 m2
∴ F = 1 × (652 - 502) × 25 N
= (65 + 50) × (65 - 50) × 25 N
= 115 × 15 × 25 N
= 43125 N
यह वह बल है जो वायुयान के भार (W = Mg) को संभालता है।
जहाँ M = वायुयान का द्रव्यमान
∴ W = F से,
Mg = F
अतः वायुयान की संहति (द्रव्यमान)
`"M" = "F"/"g" = (43125 "N")/(9.8 "N"//"kg")` = 4400.5 kg
