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प्रश्न
कोई कण एक-दूसरे से 10 cm दूरी पर स्थित दो बिंदुओं A तथा B के बीच रैखिक सरल आवर्त गति कर रहा है। A से B की ओर की दिशा को धनात्मक दिशा मानकर वेग, त्वरण तथा कण पर लगे बल के चिह्न ज्ञात कीजिए जबकि यह कण
- A सिरे पर है,
- B सिरे पर है।
- A की ओर जाते हुए AB के मध्य बिंदु पर है,
- A की ओर जाते हुए 8 से 2 cm दूर है,
- B की ओर जाते हुए से 3 cm दूर है, तथा
- A की ओर जाते हुए 8 से 4 cm दूर है।
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
स्पष्ट है कि बिंदु A तथा बिंदु B अधिकतम विस्थापन की स्थितियाँ हैं तथा इनका मध्य बिंदु O, सरल आवर्त गति का केंद्र है।

- ∴ बिंदु A पर कण का वेग शून्य होगा।
कण के त्वरण की दिशा बिंदु A से साम्यावस्था O की ओर होगी; अतः त्वरण धनात्मक होगा।
कण पर बल, त्वरण की ही दिशा में होगा; अत: बल धनात्मक होगा। - बिंदु B पर भी कण का वेग शून्य होगा।
कण का त्वरण B से साम्यावस्था O की ओर दिष्ट होगा; अतः त्वरण ऋणात्मक होगा।
बल भी ऋणात्मक होगा। - AB का मध्य बिंदु 0 सरल आवर्त गति का केंद्र है।
∴ कण B से A की ओर चलते हुए 0 से गुजरता है; अत: वेग BA के अनुदिश है, अर्थात् वेग ऋणात्मक है।
बिंदु पर त्वरण तथा बल दोनों शून्य हैं। - B से 2 cm दूरी पर कण B तथा 0 के बीच होगा।
∴ कण B से A की ओर जा रहा है; अतः वेग ऋणात्मक होगा।
यहाँ त्वरण भी B से O की ओर दिष्ट है; अतः त्वरण भी ऋणात्मक है।
‘बल भी ऋणात्मक है। - ∴ कण-B की ओर जा रहा है; अतः वेग धनात्मक है।
∴ कण A व O के बीच है; अत: त्वरण A से O की ओर दिष्ट है; अत: त्वरण भी धनात्मक है।
बल भी धनात्मक है। - ∴ कण A की ओर जा रहा है; अत: वेग ऋणात्मक है।
कण B तथा O के बीच है तथा त्वरण B से O की ओर (अर्थात् B से A की ओर दिष्ट है; अतः त्वरण ऋणात्मक है।
बल भी ऋणात्मक है।
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सरल आवर्त गति
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 13: दोलन - अभ्यास [पृष्ठ ३७५]
