Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी कण की सरल आवर्त गति के आवर्तकाल का मान उस कण के द्रव्यमान तथा बल-स्थिरांक पर निर्भर करता है: `"T"=2\pi \sqrt { \frac { "m" }{ "k" }]`। कोई सरल लोलक सन्निकट सरल आवर्त गति करता है। तब फिर किसी लोलक का आवर्तकाल लोलक के द्रव्यमान पर निर्भर क्यों नहीं करता?
संख्यात्मक
Advertisements
उत्तर
जब दोलन स्प्रिंग के द्वारा होते हैं तो बल नियंताक k का मान केवल स्प्रिंग पर निर्भर करता है। न कि गतिमान कण के द्रव्यमान पर। इसके विपरीत सरल लोलक के लिए बल नियतांक
`(F = - ("mg"x)/"l" = - "k"x => "mg"/"l")`
कण के द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होता है; अत: `\frac { "m" }{ "k" }` का मान नियत बना रहता है।
इसलिए आवर्तकाल m पर निर्भर नहीं करता।
shaalaa.com
सरल आवर्त गति
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 13: दोलन - अभ्यास [पृष्ठ ३७८]
