Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कीदृशं वाक्यं वाङ्मयं तप उच्यते?
Advertisements
उत्तर
सत्यं |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
श्रद्धा कतिविधा भवति?
देहिनां का स्वभावजा भवति?
आहारः कतिविधो भवति?
दुःखशोकामयप्रदाः आहाराः कस्य इष्टाः?
देशे काले पात्रे च दीयमानं कीदृशं दानं भवति?
प्रत्युपकारार्थं यद्दानं तत् कीदृशं दानं कथ्यते?
तामसं दानं पात्रेभ्यः दीयते अपात्रेभ्यः वा?
श्रद्धा कस्य अनुरूपा भवति?
तामसा जनाः कान् यजन्ते?
सात्विकप्रियाः आहाराः कीदृशाः भवन्ति?
राजसं दानं किम् उच्यते?
रेखाङ्कितपदानि आधूत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अयं पुरुजः श्रद्धामयः भवति।
रेखाङ्कितपदानि आधूत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
शारीरं तप उच्यते।
रेखाङ्कितपदानि आधूत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
यदानम् अपात्रेभ्यः दीयते।
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
| प्रकृतिः | प्रत्ययः | |
| सौम्यत्वम् | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
| प्रकृतिः | प्रत्ययः | |
| उद्दिश्य | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
गुरुः - ______, ______।
पर्यायपदेः सह मेलनं कुरुत।
प्राज्ञः ______ ______ ।
पर्यायपदेः सह मेलनं कुरुत।
शौचम् - ______, ______, ______ ।
विलोमपदेः सह योजयत।
| (क) | अहिसा | अपात्रे |
| (ख) | अनुद्वेगकरम् | असत्यम् |
| (ग) | अभ्यसनम् | काठिन्यम् |
| (घ) | सत्यम् | अनभ्यसनम् |
| (ङ) | पात्रे | उद्वेगकरम् |
| (च) | सौम्यत्वम् | हिंसा |
विशेषणं विशेष्येण सह मेलनं कुरुत।
| (क) | सत्वानुरूपा | आहारः |
| (ख) | तामसाः | भोजनम् |
| (ग) | घोरम् | वाक्यम् |
| (घ) | प्रियः | जनाः |
| (ङ) | पर्युषितम् | तपः |
| (च) | अनुद्वेगकरम् | श्रद्धा |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| न शास्त्रविहितम् - | ______ |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| अहंकारेण संयुक्ताः | ______ |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| मनसः प्रसादः | _____ |
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
चैव - ______ ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
तपो जनाः - ______ ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
यज्ञस्तपस्तथा - ______ ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
राजसस्य+इष्टा - ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
वाक्+मयम् - ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
प्रति+उपकारार्थम् - _______
