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प्रश्न
K[Co(CO)4] में कोबाल्ट (Co) की ऑक्सीकरण संख्या है –
विकल्प
+1
+3
–1
–3
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उत्तर
–1
स्पष्टीकरण:
+1 + x + 4 × (0) = 0;
∴ x = –1
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –
K3[Co(C2O4)3]
0.1 mol CoCl3 (NH3)5 की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 0.2 mol प्राप्त होते हैं। विलयन की चालकता ______ के समकक्ष होगी।
1 mol CrCl3⋅6H2O की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 3 mol प्राप्त हुए। संकुल का सूत्र है ______।
निम्नलिखित में से कौन-से संकुल हेट्रोलेप्टिक हैं?
(i) [Cr(NH3)6]3+
(ii) [Fe(NH3)4Cl2]+
(iii) [Mn(CN)6]4–
(iv) [Co(NH3)4Cl2]
कॉलम I में दिए गए यौगिकों और इनमें उपस्थित कोबाल्ट की कॉलम II में दी गई ऑक्सीकरण अवस्थाओं को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (यौगिक) | कॉलम II (Co की ऑक्सीकरण अवस्था) |
| (A) [Co(NCS)(NH3)5](SO3) | (1) + 4 |
| (B) [Co(NH3)4Cl2]SO4 | (2) 0 |
| (C) Na4[Co(S2O3)3] | (3) + 1 |
| (D) [Co2(CO)8] | (4) + 2 |
| (5) + 3 |
अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं।
तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है।
दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
लिगन्ड
दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
होमोलेप्टिक
द्विदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।
उभयदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?
