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दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए। होमोलेप्टिक

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प्रश्न

दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।

होमोलेप्टिक

स्पष्ट कीजिए
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उत्तर

संकुल जिनमें धातु परमाणु केवल एक प्रकार के दाता समूह से जुड़ा रहता हैं, उदाहरणार्थ [Co(NH3)6]3+ और [Ni(NH3)6]2+, होमोलेप्टिक संकुल कहलाते हैं।

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उपसहसंयोजन यौगिकों से संबंधित कुछ प्रमुख पारिभाषिक शब्द व उनकी परिभाषाएं
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अध्याय 5: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १४२]

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एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 5 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q 5.3 (v) | पृष्ठ १४२

संबंधित प्रश्न

एकदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?


निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –

K3[Co(C2O4)3]


निम्नलिखित में सर्वाधिक स्थायी संकुल है –


कीलेशन द्वारा उपसहसंयोजन यौगिकों का स्थायित्व कीलेट प्रभाव कहलाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी संकुल स्पीशीज़ सर्वाधिक स्थायी है?


निम्नलिखित में से कौन-से संकुल होमोलेप्टिक हैं?

(i) [Co(NH3)6]3+

(ii) [Co(NH3)4Cl2]+

(iii) [Ni(CN)4]2–

(iv) [Ni(NH3)4Cl2]


कॉलम I में दिए गए यौगिकों और इनमें उपस्थित कोबाल्ट की कॉलम II में दी गई ऑक्सीकरण अवस्थाओं को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।

कॉलम I (यौगिक) कॉलम II (Co की ऑक्सीकरण अवस्था)
(A) [Co(NCS)(NH3)5](SO3) (1) + 4
(B) [Co(NH3)4Cl2]SO4 (2) 0
(C) Na4[Co(S2O3)3] (3) + 1
(D) [Co2(CO)8] (4) + 2
  (5) + 3

अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं।

तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है।


दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।

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