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प्रश्न
झाँसी की रानी के जीवन से हम क्या प्रेरणा ले सकते हैं?
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उत्तर
झाँसी की रानी के जीवन से हम देश के लिए मर मिटने, स्वाभिमान से जीने, विपत्तियों से न घबराने, साहस, दृढ़ निश्चय, नारी अबला नहीं सबला है आदि की प्रेरणा ले सकते हैं।
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ताकि, जबकि, चूँकि, हालाँकि-कविता की जिन पंक्तियों में ये शब्द आए हैं, उन्हें ध्यान से पढ़ो। ये शब्द दो वाक्यों को जोड़ने का काम करते हैं। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए दो-दो वाक्य बनाओ।
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कक्षा में बच्चों को उनकी मरज़ी से दो समूहों में रखें-
(क) एक समूह में वे जो छोटे बने रहना चाहते हैं।
(ख) दूसरे समूह में वे जो बड़े होना चाहते हैं।
इन दोनों समूह के सभी बच्चे एक-एक कर बताएँगे कि वे क्यों छोटा बने रहना चाहते हैं या क्यों बड़ा होना चाहते हैं।
लखि – देखकर
धरि – रखकर
पोंछि – पोंछकर
जानि – जानकर
ऊपर लिखे शब्दों और उनके अर्थों को ध्यान से देखो। हिन्दी में जिस उद्देश्य | के लिए हम क्रिया में ‘कर’ जोड़ते हैं, उसी के लिए अवधी में क्रिया में ि (इ) को जोड़ा जाता है, जैसे-अवधी में बैठ + ि = बैठि और हिंदी में बैठ + कर = बैठकर। तुम्हारी भाषा या बोली में क्या होता है? अपनी भाषा के लिए छह शब्द लिखो। उन्हें ध्यान से देखो और कक्षा में सुनाओ।
