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प्रश्न
इस पाठ में विभिन्न लोक-माध्यमों की चर्चा हुई है। आप पता लगाइए कि वे कौन-कौन-से क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं? अपने क्षेत्र में प्रचलित किसी लोकनाट्य या लोक माध्यम के किसी प्रसंग के बारे में जानकारी हासिल कर उसकी प्रस्तुति के खास अंदाज़ के बारे में भी लिखें।
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उत्तर
इस पाठ में जिन लोकमाध्यमों के बारे में बताया गया है, वे लोक-नृत्य, लोक-संगीत और लोक-नाट्य हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के नाट्य रूप मशहूर हैं, जैसे कथावाचन, बाउल, सांग, रागिनी तमाशा, लावणी, नौटंकी, जात्रा, गंगा-गौरी, यक्ष-गान और कठपुतली लोक-नाटक आदि। इनमें से स्वाँग उत्तरी भारत में, नौटंकी उत्तर प्रदेश व बिहार में, रागिनी हरियाणा में और यक्ष-गान कर्नाटक के इलाकों से जुड़ा है। हमारे क्षेत्र में नौटंकी का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा किया जाता है। यह ग्रामीण इलाकों की नाट्य-शैली का ही एक रूप है। इसमें अक्सर रात के वक्त स्टेज पर किसी लोक-कथा या कहानी को नाटक के रूप में दिखाया जाता है। खास बात यह है कि इसमें महिला किरदारों की भूमिका भी ज़्यादातर पुरुष कलाकार ही निभाते हैं। हारमोनियम, नगाड़ा और ढोलक जैसे म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स (वाद्य-यंत्रों) के साथ की गई यह संगीतमय प्रस्तुति लोगों को बहुत आकर्षित करती है।
