हिंदी

इस कहानी में कई बार ऋण लेने की बात आपने पढ़ी। अनुमान लगाइए, किन-किन पारिवारिक परिस्थितियों में गाँव के लोगों को ऋण लेना पड़ता होगा और यह उन्हें कहाँ से मिलता होगा? बड़ों से बातचीत कर इस विषय में लिखिए

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस कहानी में कई बार ऋण लेने की बात आपने पढ़ी। अनुमान लगाइए, किन-किन पारिवारिक परिस्थितियों में गाँव के लोगों को ऋण लेना पड़ता होगा और यह उन्हें कहाँ से मिलता होगा? बड़ों से बातचीत कर इस विषय में लिखिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

गाँवों के लोगों को निम्न परिस्थितियों में ऋण लेना पड़ता होगा-

  1. फसलें किसी भी वज़ह से नष्ट हो जाने पर दूसरी फसल उगाने हेतु।
  2. शादी-ब्याह के समय।
  3. बच्चे के नामकरण संस्कार अथवा किसी अन्य समारोह हेतु।
  4. मृत्यु भोज हेतु।
  5. घर आदि बनवाने हेतु।
  6. कभी-कभार किसी बच्चे की उच्च शिक्षा हेतु।
  7. पशु खरीदने हेतु।

यह ऋण उन्हें गाँव के जमींदारों व साहूकारों से मिलता होगा।
यदि आज के संदर्भ में लें तो गाँववासियों को ऐसे ऋण सहकारी समितियों व बैंकों द्वारा भी मिल सकते हैं। इसके अतिरिक्त अपने घर में बड़ों से चर्चा भी कीजिए।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: दादी माँ - अनुमान और कल्पना [पृष्ठ ११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 2 दादी माँ
अनुमान और कल्पना | Q 1 | पृष्ठ ११

संबंधित प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्न

आश्रम में हर महीने कितने अतिथियों के आने की संभावना थी?


शिक्षण के सामान में कितने हथकरघों की आवश्यकता होगी?


धनराज का बचपन कैसा था?


यदि तुम युधिष्ठिर की जगह होते, तो यक्ष के प्रश्नों के क्या उत्तर देते?


महाभारत के कुछ पात्रों द्वारा कही गई बातें नीचे दी गई हैं। इन बातों को पढ़कर उन पात्रों के बारे में तुम्हारे मन में क्या विचार आते हैं-

(क) शांतनु ने केवटराज से कहा- "जो माँगोगे दूँगा, यदि वह मेरे लिए अनुचित न हो।"

(ख) दुर्योधन ने कहा- "अगर बराबरी की बात है, तो मैं आज ही कर्ण को अंगदेश का राजा बनाता हूँ।"

(ग) धृतराष्ट्र ने दुर्योधन से कहा-"बेटा, मैं तूम्हारी भलाई के लिए कहता हूँ कि पाँडवों से वैर न करो। वैर दुख और मृत्यु का कारण होता है।"

(घ) द्रोपदी ने सारथी प्रातिकामी से कहा-"रथवान! जाकर उन हारने वाले जुए के खिलाड़ी से पूछो कि पहले वह अपने को हारे थे या मुझे?"


तुम्हारे कितने दोस्तों और संबंधियों का जन्मदिन मनाया जाता है और कितनों का नहीं मनाया जाता?


हर्ष का पिता समुद्र के किनारे रहता था। वह तरह-तरह के खिलौने एवं मालाएँ तैयार कर पास के बड़े नगर में बेच आता था। तुम अपने आस-पास के कुछ ऐसे ही लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करो। वे किन-किन चीजों से क्या-क्या बनाते हैं?


हर्ष और कनक ने मंजरी को समुद्र से निकाला। इसके बाद उन्होंने मंजरी को प्राथमिक उपचार दिया। पता करो तुम कौन से प्राथमिक उपचार करोगे, यदि

- किसी का हाथ गर्म चीज़ से जल जाए
- पैर में काँच घुस जाए
- कोई ज़हरीला जंतु काट ले


पुराने समय से ही अनेक व्यक्तियों ने पुस्तकों को नष्ट करने का प्रयास किया। पाठ में से कोई तीन उदाहरण ढूँढ़कर लिखो।


क्या तुम किसी विकलाँग व्यक्ति को जानते हो? उसके बारे में बताओ।


झलकारीबाई का क्या हुआ?


निर्जीव वस्तुओं को मानव-संबंधी नाम देने से निर्जीव वस्तुएँ भी मानो जीवित हो उठती हैं। लेखक ने इस पाठ में कई स्थानों पर ऐसे प्रयोग किए हैं, जैसे

(क) परंतु इस बार जब मैं हिमालय के कंधे पर चढ़ा तो वे कुछ और रूप में सामने थीं।

(ख) काका कालेलकर ने नदियों को लोकमाता कहा है।

• पाठ से इसी तरह के और उदाहरण ढूँढ़िए।


'उनके खयाल में शायद ही यह बात आ सके कि बूढे हिमालय की गोद में बच्चियाँ बनकर ये कैसे खेला करती हैं।’
• उपर्युक्त पंक्ति में ‘ही’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। ‘ही’ वाला वाक्य नकारात्मक अर्थ दे रहा है। इसीलिए ‘ही’ वाले वाक्य में कही गई बात को हम ऐसे भी कह सकते हैं-उनके खयाल में शायद यह बात न आ सके।
• इसी प्रकार नकारात्मक प्रश्नवाचक वाक्य कई बार ‘नहीं’ के अर्थ में इस्तेमाल नहीं होते हैं, जैसे-महात्मा गाँधी को कौन नहीं जानता? दोनों प्रकार के वाक्यों के समान तीन-तीन उदाहरण सोचिए और इस दृष्टि से उनको विश्लेषण कीजिए।


नाटक में आपको सबसे बुद्विमान पात्र कौन लगा और क्यों?


तोत्तो-चान ने अपनी योजना को बड़ों से इसलिए छिपा लिया कि उसमें जोखिम था, यासुकी-चान के गिर जाने की संभावना थी। फिर भी उसके मन मे यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने की दृढ़ इच्छा थी। ऐसी दृढ़ इच्छाएँ बुद्धि और कठोर परिश्रम से अवश्य पूरी हो जाती हैं। आप किस तरह की सफलता के लिए तीव्र इच्छा और बुद्धि का उपयोग कर कठोर परिश्रम करना चाहते हैं?


नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित मुहावरे किन भावों को प्रकट करते हैं? इन भावों से जुड़े दो-दो मुहावरे बताइए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

  • माँ ने दाँतों तले उँगली दबाई ।
  • सारी कक्षा साँस रोके हुए उसी तरफ़ देख रही है।

उत्तर भारत में किस बात में बदलाव आया है?


'इस आनंदोत्सव की रागिनी में बेमेल स्वर कैसे बज उठा'-वाक्य किस घटना की ओर संकेत कर रहा है?


नीलकंठ चिड़ियाघर के अन्य जीव-जंतुओं का मित्र भी था और संरक्षक भी। वह कैसे? लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×