Advertisements
Advertisements
प्रश्न
हैलोजन यौगिक के निम्नलिखित युगल में से कौन-सा यौगिक तीव्रता से SN1 अभिक्रिया करेगा?

Advertisements
उत्तर
SN1 अभिक्रिया में हैलोजन यौगिकों की क्रियाशीलता आयनन के परिणामस्वरूप निर्मित कार्बोधनायन के स्थायित्व पर निर्भर करती है। स्थायित्व का क्रम तृतीयक > द्वितीयक > प्राथमिक है। अत: 2° ऐल्किल क्लोराइड है जबकि 1° ऐल्किल क्लोराइड है। अतएव 2° ऐल्किल क्लोराइड SN1 अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील है।
तेज़ी से अभिक्रिया करता है कारण 2° कार्बोकैटायन की 1° कार्बोकैटायन से अधिक स्थिरता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
उभदंती नाभिकरागी क्या होते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
निम्नलिखित युगल में से कौन सा यौगिक OH− के साथ SN2 अभिक्रिया में अधिक तीव्रता से अभिक्रिया करेगा?
(CH3)3CCl अथवा CH3Cl
निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?
टॉलूईन से बेन्जिल ऐल्कोहॉल
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –
\[\ce{CH3CH(Br)CH2CH3 + NaOH ->[{जल}]}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –
\[\ce{CH3CH2CH2OH + SOCl2 ->}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया की क्रियाविधि लिखिए –
\[\ce{{n}-BuBr + KCN ->[EtOH-H2O] {n}BuCN}\]
SN2 प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता के आधार पर इन यौगिकों के समूहों को क्रमबद्ध कीजिए।
2-ब्रोमो-2-मेथिलब्यूटेन, 1-ब्रोमोपेन्टेन, 2-ब्रोमोपेन्टेन
SN2 प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता के आधार पर इन यौगिकों के समूहों को क्रमबद्ध कीजिए।
1-ब्रोमो-3-मेथिलब्यूटेन, 2-ब्रोमो-2-मेथिलब्यूटेन, 2-ब्रोमो-3-मेथिलब्यूटेन
तब क्या होता है जब क्लोरोबेन्जीन का जलअपघटन किया जाता है?
तब क्या होता है जब मेथिल क्लोराइड की अभिक्रिया KCN से होती है?
