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ऐल्किल क्लोराइड की जलीय KOH से अभिक्रिया द्वारा ऐल्कोहॉल बनता है, लेकिन ऐल्कोहॉलिक KOH की उपस्थिति में ऐल्कीन मुख्य उत्पाद के रूप में प्राप्त होती है। समझाइए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

ऐल्किल क्लोराइड की जलीय KOH से अभिक्रिया द्वारा ऐल्कोहॉल बनता है, लेकिन ऐल्कोहॉलिक KOH की उपस्थिति में ऐल्कीन मुख्य उत्पाद के रूप में प्राप्त होती है। समझाइए।

रासायनिक समीकरण/संरचनाएँ
स्पष्ट कीजिए
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उत्तर १

जलीय विलयन में KOH लगभग पूर्ण आयनित होकर OHआयन देता है जो प्रबल नाभिकरागी होने के कारण ऐल्किल हैलाइडों पर प्रतिस्थापन अभिक्रिया करके ऐल्कोहॉल बनाते हैं। जलीय विलयन में OHआयन उच्च जलयोजित होते हैं। इससे OH आयनों का क्षारीय गुण घट जाता है जिससे ये ऐल्किल हैलाइड के β-कार्बन से हाइड्रोजन परमाणु पृथक्कृत करने में असफल हो जाते हैं तथा ऐल्कीन नहीं बना पाते।

दूसरी ओर KOH के ऐल्कोहॉली विलयन में ऐल्कॉक्साइड (RO) आयन होते हैं जो OHसे प्रबल क्षार होने के कारण सरलतापूर्वक ऐल्किल क्लोराइड से HCl अणु का विलोपन करके ऐल्कीन बना लेते हैं।

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उत्तर २

सामान्य नाभिकरागी प्रतिस्थापन तब होता है जब ऐल्किल क्लोराइड्स की अभिक्रिया जलीय KOH के साथ होती है और इससे ऐल्कोहॉल बनते हैं।

\[\ce{CH3 - CH2 - Cl + KOH ->[H2O]CH3 - CH2 - OH + KCl}\]

जब जलीय KOH को अल्कोहलिक KOH से प्रतिस्थापित किया जाता है, तो एक ऐल्किल हैलाइड से HCl का उन्मूलन होता है, जिसके परिणामस्वरूप अल्कोहल्स के बजाय ऐल्कीनों का निर्माण होता है।

\[\ce{CH3 - CH2Cl + KOH->[EtOH] CH2 = CH2}\]

यह दोनों अभिक्रियाओं में नाभिकस्नेही के आकार के कारण समझा जा सकता है। जलीय माध्यम में \[\ce{N\overset{Θ}{u}}\] से \[\ce{\overset{Θ}{O}H}\] छोटा होता है, जबकि ऐल्कोहॉलिक माध्यम में \[\ce{N\overset{Θ}{u}}\] से \[\ce{C2H^Θ5}\] बड़ा होता है।

बड़ा \[\ce{N\overset{Θ}{u}}\] हमेशा एक प्रोटॉन को हटाना आसान पाता है, बजाय इसके कि वह एक चतुष्फलकीय कार्बन पर आक्रमण करे और प्रतिस्थापन उत्पाद बनाए।
यदि C2H5OΘ एक हैलोजन वाले कार्बन पर आक्रमण करता है, तो त्रिविम प्रतिकर्षण (steric repulsions) आक्रमण में देरी कर सकते हैं और प्रतिस्थापन को रोक सकते हैं।
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रासायनिक अभिक्रियाएँ - हैलोएल्केनों की अभिक्रियाएँ - नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन - अभ्यास [पृष्ठ १९५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 6 हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन
अभ्यास | Q 6.20 | पृष्ठ १९५

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित युगल में से आप किस ऐल्किल हैलाइड द्वारा SN2 क्रियाविधि से अधिक तीव्रता से अभिक्रिया करने की अपेक्षा करते हैं? अपने उत्तर को समझाइए।

\[\begin{array}{cc}\ce{CH3CH2CHCH3}\\\phantom{...}|\\\phantom{....}\ce{Br}\end{array}\] अथवा \[\begin{array}{cc}\phantom{.....}\ce{CH3}\\\phantom{..}|\\\ce{H3C - C - Br}\\\phantom{..}|\\\phantom{....}\ce{CH3}\end{array}\]


C4H9Br सूत्र वाले यौगिक के सभी समावयवी लिखिए।


निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?

टॉलूईन से बेन्जिल ऐल्कोहॉल


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH(Br)CH2CH3 + NaOH ->[{जल}]}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH2CH2OH + SOCl2 ->}\]


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\[\ce{{n}-BuBr + KCN ->[EtOH-H2O] {n}BuCN}\]


SN2 प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता के आधार पर इन यौगिकों के समूहों को क्रमबद्ध कीजिए।

2-ब्रोमो-2-मेथिलब्यूटेन, 1-ब्रोमोपेन्टेन, 2-ब्रोमोपेन्टेन


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C6H5CH2Cl तथा C6H5CHClC6H5 में से, कौन-सा यौगिक जलीय KOH से शीघ्रता से जल-अपघटित होगा?


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