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हैलोजन यौगिक के निम्नलिखित युगल में से कौन-सा यौगिक तीव्रता से SN1 अभिक्रिया करेगा? Cl अथवा Cl

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प्रश्न

हैलोजन यौगिक के निम्नलिखित युगल में से कौन-सा यौगिक तीव्रता से SN1 अभिक्रिया करेगा?

लघु उत्तर
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उत्तर

SN1 अभिक्रिया में हैलोजन यौगिकों की क्रियाशीलता आयनन के परिणामस्वरूप निर्मित कार्बोधनायन के स्थायित्व पर निर्भर करती है। स्थायित्व का क्रम तृतीयक > द्वितीयक > प्राथमिक है। अत: 2° ऐल्किल क्लोराइड है जबकि 1° ऐल्किल क्लोराइड है। अतएव 2° ऐल्किल क्लोराइड SN1 अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील है।

तेज़ी से अभिक्रिया करता है कारण 2° कार्बोकैटायन की 1° कार्बोकैटायन से अधिक स्थिरता है।

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रासायनिक अभिक्रियाएँ - हैलोएल्केनों की अभिक्रियाएँ - नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ
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पाठ 6: हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ १९०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 6 हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 6.8 (ii) | पृष्ठ १९०

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित युगल में से आप किस ऐल्किल हैलाइड द्वारा SN2 क्रियाविधि से अधिक तीव्रता से अभिक्रिया करने की अपेक्षा करते हैं? अपने उत्तर को समझाइए।

\[\begin{array}{cc}\ce{CH3CH2CHCH3}\\\phantom{...}|\\\phantom{....}\ce{Br}\end{array}\] अथवा \[\begin{array}{cc}\phantom{.....}\ce{CH3}\\\phantom{..}|\\\ce{H3C - C - Br}\\\phantom{..}|\\\phantom{....}\ce{CH3}\end{array}\]


निम्नलिखित युगल में से आप किस ऐल्किल हैलाइड द्वारा SN2 क्रियाविधि से अधिक तीव्रता से अभिक्रिया करने की अपेक्षा करते हैं? अपने उत्तर को समझाइए।

\[\begin{array}{cc}\ce{CH3CHCH2CH2Br}\\|\phantom{.........}\\\ce{CH3}\phantom{......}\end{array}\] अथवा \[\begin{array}{cc}\ce{CH3CH2CHCH2Br}\\\phantom{}|\\\phantom{...}\ce{CH3}\end{array}\]


C4H9Br सूत्र वाले यौगिक के सभी समावयवी लिखिए।


उभदंती नाभिकरागी क्या होते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH(Br)CH2CH3 + NaOH ->[{जल}]}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH2Br + KCN ->[{जलीय एथेनॉल}]}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH2CH2OH + SOCl2 ->}\]


SN2 प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता के आधार पर इन यौगिकों के समूहों को क्रमबद्ध कीजिए।

1-ब्रोमो-3-मेथिलब्यूटेन, 2-ब्रोमो-2-मेथिलब्यूटेन, 2-ब्रोमो-3-मेथिलब्यूटेन


ऐल्किल क्लोराइड की जलीय KOH से अभिक्रिया द्वारा ऐल्कोहॉल बनता है, लेकिन ऐल्कोहॉलिक KOH की उपस्थिति में ऐल्कीन मुख्य उत्पाद के रूप में प्राप्त होती है। समझाइए।


तब क्या होता है जब मेथिल क्लोराइड की अभिक्रिया KCN से होती है?


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