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प्रश्न
हैलोजन यौगिक के निम्नलिखित युगल में से कौन-सा यौगिक तीव्रता से SN1 अभिक्रिया करेगा?

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उत्तर
SN1 अभिक्रिया में हैलोजन यौगिकों की क्रियाशीलता आयनन के परिणामस्वरूप निर्मित कार्बोधनायन के स्थायित्व पर निर्भर करती है। स्थायित्व का क्रम तृतीयक > द्वितीयक > प्राथमिक है। अत: 2° ऐल्किल क्लोराइड है जबकि 1° ऐल्किल क्लोराइड है। अतएव 2° ऐल्किल क्लोराइड SN1 अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील है।
तेज़ी से अभिक्रिया करता है कारण 2° कार्बोकैटायन की 1° कार्बोकैटायन से अधिक स्थिरता है।
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\[\begin{array}{cc}\ce{CH3CHCH2CH2Br}\\|\phantom{.........}\\\ce{CH3}\phantom{......}\end{array}\] अथवा \[\begin{array}{cc}\ce{CH3CH2CHCH2Br}\\\phantom{}|\\\phantom{...}\ce{CH3}\end{array}\]
हैलोजन यौगिक के निम्नलिखित युगल में से कौन-सा यौगिक तीव्रता से SN1 अभिक्रिया करेगा?

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