हिंदी

हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन के मध्य गुरुत्वाकर्षण, कूलॉम-आकर्षण से लगभग 10-40 के गुणक से कम है।इस तथ्य को देखने का एक वैकल्पिक उपाय यह है कि यदि इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन के मध्य गुरुत्वाकर्षण, कूलॉम-आकर्षण से लगभग 10-40 के गुणक से कम है। इस तथ्य को देखने का एक वैकल्पिक उपाय यह है कि यदि इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन गुरुत्वाकर्षण द्वारा सम्बद्ध हों तो किसी हाइड्रोजन परमाणु में प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या का अनुमान लगाइए। आप मनोरंजक उत्तर पाएँगे।

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

माना इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान me व प्रोटॉन का द्रव्यमान mp है।

तब गुरुत्वाकर्षण बल `"F"_"G" = "G"(m_"p" xx m_"e")/"r"_"n"^2`

जहाँ rn, n वीं कक्षा की त्रिज्या है।

यह बल इलेक्ट्रॉन को आवश्यक अभिकेन्द्र बल देता है।

अतः `("m"_"e"v_"n"^2)/"r"_"n" = "G" (m_"p" xx m_"e")/"r"_"n"^2`   [vn = n वीं कक्षा में चाल]

`=> "m"_"e""v"_"n"^2"r"_"n" = "Gm"_"p" xx "m"_"e"`    ...(1)

बोर मॉडल के अनुसार, `"m"_"e""v"_"n""r"_"n" = "n" "h"/(2pi)`

वर्ग करने पर, `"m"_"e"^2 "v"_"m"^2 "r"_"n"^2 = ("n"^2"h"^2)/(4pi^2)`    ...(2)

समीकरण (2) को (1) से भाग देने पर,

`"m"_"e""r"_"n" = ("n"^2"h"^2)/(4pi^2) xx 1/("Gm"_"p" xx "m"_"e")`

`therefore "r"_"n" = ("n"^2"h"^2)/(4pi^2 "Gm"_"p" "m"_"e"^2)`

या `"r"_"n" = ("n"^2/"m"_"e")("h"/(2pi))^2 xx 1/("Gm"_"p" "m"_"e")`

∴ n = 1 रखने पर प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या

`"r"_1 = 1/"m"_"e" xx ("h"/(2pi))^2 xx 1/("Gm"_"p" xx "m"_"e")`      ...(3)

यदि इलेक्ट्रॉन व प्रोटॉन स्थिर विद्युत बलों से बंधे हों तो 

`"r"_1 = 1/"m"_"e" ("h"/(2pi))^2 * (4piepsilon_0)/(e xx e)`   ...(4)

इस प्रकार समीकरण (3) व (4) की तुलना करने पर हम देखते है कि यदि हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन के बीच स्थिर विद्युत बल `(("e" xx "e")/(4 pi epsilon_0 "r"^2))` के स्थान पर गुरुत्वीय बल `("G" ("m"_"p" xx "m"_"e")/"r"^2)` कार्यरत हो तो प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या ज्ञात करने के r1 में `("e"^2/(4 pi epsilon_0"r"^2))` के स्थान पर `(("Gm"_"p" xx "m"_"e")/"r"^2)` रखना चाहिए।

∵ G = 6.67 × 10-11 Nm2/kg2, me = 9.1 × 10-31 kg, mp = 9.1 × 10-27 kg

h = 6.62 × 10-34 Js समीकरण (2) में रखने पर,

`"r"_1 = 1/(9.1 xx 10^-31) xx ((6.62 xx 10^-34)/(2 xx 3.14))^2 xx 1/(6.67 xx 10^-11 xx 1.67 xx 10^-27 xx 9.1 xx 10^-31)`

= 1.21 × 1029 m

shaalaa.com
हाइड्रोजन परमाणु का बोर मॉडल
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 12: परमाणु - अभ्यास [पृष्ठ ४३८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 12 परमाणु
अभ्यास | Q 12.12 | पृष्ठ ४३८

संबंधित प्रश्न

हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा −13.6 eV है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जाएँ क्या होंगी?


  1. बोर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2 तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
  2. इनमें से प्रत्येक स्तर के लिए कक्षीय अवधि परिकलित कीजिए।

कमरे के ताप पर गैसीय हाइड्रोजन पर किसी 12.5 eV की इलेक्ट्रॉन पुंज की बमबारी की गई। किन तरंगदैर्घ्यों की श्रेणी उत्सर्जित होगी?


हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा लगभग – 3.4eV है।

  1. इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या है?
  2. इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की स्थितिज ऊर्जा क्या है?
  3. यदि स्थितिज ऊर्जा के शून्य स्तर के चयन में परिवर्तन कर दिया जाए तो ऊपर दिए गए उत्तरों में से कौन-सा उत्तर परिवर्तित होगा?

जब हाइड्रोजन परमाणु में उत्तेजित इलेक्ट्रॉन n = 6 से मूल अवस्था में जाता है, तो प्राप्त उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या क्या होगी?


हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से संबंधित ऊर्जा –2.18 × 10–18 J atom–1 है। पाँचवें कक्षक से संबंधित ऊर्जा बताइए।


हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तलस्थ अवस्था में लौटता है, तो किस तरंग-दैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
(इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा −2.18 × 10−11 ergs है।)


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा En = `(-2.18 × 10^-18)/("n"^2) "J"` द्वारा दी जाती है। n = 2 कक्षा से इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। प्रकाश की सबसे लंबी तरंग-दैर्घ्य (cm में) क्या होगी, जिसका उपयोग इस संक्रमण में किया जा सके?


\[\ce{He^+_{ (g)} -> He^{2+}_{ (g)} + e^-}\] प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा 2.18 × 10−18 J atom1 है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×