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गैल्वेनोमीटर का उपयोग किसी वैद्युत परिपथ में धारा के संसूचन अथवा/और लघु धाराओं के मापन के लिए किया जाता है। अनिवार्यतः यह इस तथ्य पर कार्य करता है - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

गैल्वेनोमीटर का उपयोग किसी वैद्युत परिपथ में धारा के संसूचन अथवा/और लघु धाराओं के मापन के लिए किया जाता है। अनिवार्यतः यह इस तथ्य पर कार्य करता है कि किसी धारावाही कुंडली को जब चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो यह एक विक्षेपी बल-आघूर्ण का अनुभव करता है। कुंडली के विक्षेपण को मापा जा सकता है और यह कुंडली में प्रवाहित होने वाली धारा, कुंडली में फेरों की संख्या, कुंडली के क्षेत्रफल तथा चुम्बकीय क्षेत्र से संबंधित होता है। कुंडली से जुड़ी एक बालकमानी प्रतितुलन बल-आघूर्ण प्रदान करती है और विक्षेपण को मापने में सहायता करती है । उपयुक्त प्रतिरोधों का उपयोग करके गैल्वेनोमीटर को वांछित परिसर के ऐमीटर अथवा वोल्टतामापी में परिवर्तित किया जा सकता है।

(I) घूर्णन के दौरान कुंडली के अभिविन्यास में परिवर्तन के बावजूद इस पर लगने वाला बल-आघूर्ण अचर रहता है, इसके लिए उत्तरदायी है:

  1. मृदु-लोह क्रोड का उपयोग जो चुम्बकीय क्षेत्र में वृद्धि कर देता है।
  2. त्रिज्य चुम्बकीय क्षेत्र
  3. प्रतितुलन बल-आघूर्ण प्रदान करने वाली बालकमानी
  4. लोह क्रोड में उत्पन्न होने वाली भँवर-धाराएँ जो अवमंदनकारी होती हैं।

(II) किसी गैल्वेनोमीटर की धारा-सुग्राहिता में वृद्धि करनी हो तो इसका सबसे आसान तरीका है:

  1. कुंडली के फेरों की संख्या में वृद्धि करना।
  2. कुंडली का क्षेत्रफल तथा चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता बढ़ाना।
  3. कुंडली के क्षेत्रफल तथा चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता को कम करना।
  4. बालकमानी के मरोड़ी नियतांक में वृद्धि करना।

(III) किसी चलकुंडली गैल्वेनोमीटर की कुंडली का क्षेत्रफल 4.0 × 10−3 m2 तथा इसमें फेरों की संख्या 50 है। कुंडली 0.25 T के चुंबकीय क्षेत्र में घूर्णन कर रही है। जब कुंडली में 5 A की धारा प्रवाहित होती है तो इस पर लगने वाला बल-आघूर्ण होता है:

  1. 1.0 N m
  2. 2.0 N m
  3. 0.50 N m
  4. 0.25 N m

अथवा

किसी गैल्वेनोमीटर की कुंडली का प्रतिरोध 15 Ω है और यह मीटर 3 mA धारा के लिए पूर्ण स्केल विक्षेपण दर्शाता है। इसको (0.12 V) परिसर के वोल्टतामापी में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक प्रतिरोध का मान है:

  1. 4015 Ω
  2. 3985 Ω
  3. 415 Ω
  4. 385 Ω

(IV) एक गैल्वेनोमीटर जिसकी कुंडली का प्रतिरोध 20 Ω है। 5 mA धारा प्रवाहित करने पर पूर्ण स्केल विक्षेपण दर्शाता है। इसको (0 − 10 A) परिसर के एमीटर में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक होगा कि ______ ।

  1. 0.05 Ω का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए
  2. 0.05 Ω का प्रतिरोध पार्श्वक्रम में जोड़ा जाए
  3. 0.01 Ω का प्रतिरोध पार्श्वक्रम में जोड़ा जाए
  4. 0.01 Ω का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए
मामले का अध्ययन
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उत्तर

(I) त्रिज्य चुम्बकीय क्षेत्र

स्पष्टीकरण:

एक चल कुंडली धारामापी में, कुंडली पर लगने वाला विक्षेपक बल-आघूर्ण इस प्रकार दिया जाता है:

τ = nBIA sin θ

सटीक मापन के लिए, बल-आघूर्ण केवल धारा के समानुपाती होना चाहिए और कोण पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के साथ समस्या: यदि चुंबकीय क्षेत्र एकसमान है, तो बल-आघूर्ण sin θ पर निर्भर करता है, इसलिए कुंडली के झुकाव के साथ यह बदलता रहता है। यह पैमाने को अरेखीय बना देता है।

त्रिज्य चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग: एक त्रिज्य चुंबकीय क्षेत्र में, चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं कुंडली के तल के लंबवत रहती हैं। इस प्रकार, चुंबकीय क्षेत्र और कुंडली के अभिलंब के बीच का कोण स्थिर रहता है।

θ = 90°

⇒ sin θ = 1

अतः बल-आघूर्ण हो जाता है:

τ = NBIA

जो कि कुंडली के अभिविन्यास (झुकाव) से स्वतंत्र है।

(II) कुंडली का क्षेत्रफल तथा चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता बढ़ाना।

स्पष्टीकरण:

धारा सुग्राहिता:

S = `theta/I` = `(n B A)/k`

यह कुंडली के अधिक क्षेत्रफल, अधिक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र, अधिक फेरों की संख्या और कम ऐंठन नियतांक के साथ बढ़ती है।

(III) 0.25 N m

स्पष्टीकरण:

फेरों की संख्या (n) = 50

चुंबकीय क्षेत्र (B) = 0.25 T

धारा (I) = 5 A

क्षेत्रफल (A) = 4 × 10−3 m2

कुंडली पर बल-आघूर्ण (τ) = nBIA

= 50 × 0.25 × 5 × 4 × 10−3

= 0.25 N m

अथवा

3985 Ω

स्पष्टीकरण:

G = 15 Ω

Ig = 3 × 10−3 A

V = 12 V

Rs = `V/I_g - G`

= `12/(3 xx 10^-3) - 15`

= 4000 − 15

= 3985 Ω

(IV) एक गैल्वेनोमीटर जिसकी कुंडली का प्रतिरोध 20 Ω है। 5 mA धारा प्रवाहित करने पर पूर्ण स्केल विक्षेपण दर्शाता है। इसको (0 − 10 A) परिसर के एमीटर में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक होगा कि 0.01 Ω का प्रतिरोध पार्श्वक्रम में जोड़ा जाए

स्पष्टीकरण:

G = 20 Ω

Ig = 5 × 10−3 A

I = 10 A

एक धारामापी को अमीटर में बदलने के लिए, एक शंट प्रतिरोध का उपयोग करें:

S = `(I_g G)/(I - I_g)`

= `((5 xx 10^-3) xx 20)/(10 - (5 xx 10^-3))`

= `(0.005 xx 20)/(10 - 0.005)`

= `0.1/9.995`

≈ 0.01 Ω

शंट को हमेशा समांतर क्रम में जोड़ा जाता है।

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