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प्रश्न
दो अखबारों में कारोबार और अर्थ जगत के पृष्ठ को ध्यान से पढ़िए। उनमें प्रकाशित खबरों की एक सूची बनाइए। उन खबरों की भाषा में इस्तेमाल शब्दों की भी एक सूची बनाइए। आर्थिक विषयों पर प्रकाशित टिप्पणियों और विश्लेषणों को ध्यान से पढ़िए। इन सबके आधार पर 200 शब्दों की एक रिपोर्ट तैयार कीजिए और बताइए कि आर्थिक विषयों पर लेखन अन्य प्रकार के पत्रकारीय लेखन से किस प्रकार अलग है?

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उत्तर
प्रकाशित खबरें
- शेयर बाजार में तेजी या गिरावट
- सोने-चाँदी की कीमतों में बदलाव
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों से संबंधित समाचार
- बैंकिंग और ब्याज दरों से जुड़ी खबरें
- महँगाई और रोजगार संबंधी समाचार
- कंपनियों के लाभ-हानि की खबरें
- सरकारी आर्थिक नीतियाँ और बजट
- आयात-निर्यात और व्यापार संबंधी समाचार
आर्थिक समाचारों में प्रयुक्त प्रमुख शब्द:
शेयर बाजार, सेंसेक्स, निफ्टी, निवेश, लाभ, घाटा, महँगाई, मुद्रास्फीति, ब्याज दर, बैंकिंग, बजट, राजस्व, कर, पूँजी, बाजार, मांग, आपूर्ति, निर्यात, आयात, अर्थव्यवस्था, जीडीपी, कारोबार, निवेशक आदि।
आर्थिक पत्रकारिता की विशेषताएँ:
कारोबार और अर्थ जगत के पृष्ठों के अध्ययन से पता चलता है कि आर्थिक पत्रकारिता का संबंध देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार, उद्योग, बैंकिंग, निवेश और आम लोगों की आर्थिक स्थिति से होता है। इन पृष्ठों पर केवल घटनाओं की सूचना नहीं दी जाती, बल्कि उनके कारणों और संभावित प्रभावों का विश्लेषण भी किया जाता है।
आर्थिक समाचारों में आँकड़ों, प्रतिशत, कीमतों और आर्थिक शब्दावली का विशेष महत्व होता है। उदाहरण के लिए शेयर बाजार की खबर में सेंसेक्स, निफ्टी, शेयर की कीमत और बाजार में उतार-चढ़ाव जैसे आँकड़े दिए जाते हैं। इसी प्रकार महँगाई की खबर में कीमतों और मुद्रास्फीति के आँकड़ों का प्रयोग किया जाता है।
आर्थिक विषयों पर लिखने के लिए पत्रकार को अर्थव्यवस्था की मूल जानकारी के साथ आँकड़ों को समझने की क्षमता भी होनी चाहिए। भाषा सामान्यतः तथ्यात्मक, स्पष्ट और विश्लेषणात्मक होती है।
अन्य प्रकार की पत्रकारिता में घटना, व्यक्ति या सामाजिक विषय को प्रमुखता दी जा सकती है, जबकि आर्थिक पत्रकारिता में आँकड़े, तथ्य, कारण, प्रभाव और भविष्य की संभावनाएँ अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए आर्थिक लेखन अधिक तकनीकी, तथ्यपरक और विश्लेषणात्मक होता है।
