हिंदी

चित्र में दिए गए दो आरेख दो वर्तुल गतियों के तद्नुरूपी हैं। प्रत्येक आरेख पर वृत्त की त्रिज्या परिक्रमण-काल, आरंभिक स्थिति और परिक्रमण की दिशा दर्शाई गई है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

चित्र में दिए गए दो आरेख दो वर्तुल गतियों के तद्नुरूपी हैं। प्रत्येक आरेख पर वृत्त की त्रिज्या परिक्रमण-काल, आरंभिक स्थिति और परिक्रमण की दिशा दर्शाई गई है। प्रत्येक प्रकरण में, परिक्रमण करते कण के त्रिज्य-सदिश के x-अक्ष पर प्रक्षेप की तदनुरूपी सरल आवर्त गति ज्ञात कीजिए।

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

(a) माना वृत्त पर गति करता हुआ कण किसी समय पर P से स्थिति A में पहुँच जाता है।

माना ∠POA = θ
AB, बिंदु A से x-अक्ष पर लंब है।

तब ∠ BAO = θ

आवर्तकाल T = 2s

∴ कोणीय वेग ω `= (2pi)/"T" = (2pi)/2 = pi"rad""s"^-1`

∴ `theta = ω"t" = pi"t"`

ΔOAB में,   `"sin"theta = "OB"/"OA" = (- x)/3`             ...[∵ मूलबिंदु की बाईं ओर x, - ve है।]

∴ x = -3 sin θ या  x = -3 sin πt   यहाँ x, cm में है।

यही सरल आवर्त गति का अभीष्ट समीकरण है।

(b)

आवर्तकाल T = 4s

∴ कोणीय वेग ω = `(2pi)/"T" = (2pi)/(4"s") = pi/2` rad s-1

माना वर्तुल गति करता हुआ कण t समय में बिंदु P से चलकर A तक पहुँच जाता है।

AB, बिंदु A से x - अक्ष पर लंब है।

माना, ∠BOA = θ तब `theta = ω"t" = (pi"t")/2`

ΔOAB में, `"cos"theta = "OB"/"OA" = - x/2`

∴ x = -2 cos θ

या `x = -2 cos ((pi"t")/2)`

जहाँ x m में है।

यही सरल आवर्त गति का अभीष्ट समीकरण है।

shaalaa.com
सरल आवर्त गति
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 13: दोलन - अभ्यास [पृष्ठ ३७७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 13 दोलन
अभ्यास | Q 14.11 | पृष्ठ ३७७
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×