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प्रश्न
चाय तैयार करने के लिए आप किन-किन चरणों का प्रयोग करेंगे। विलयन, विलायक, विलेय, घुलना, घुलनशील, अघुलनशील, घुलेय (फ़िल्ट्रेट) तथा अवशेष शब्दों का प्रयोग करें।
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उत्तर
चाय बनाने के लिए हम निम्न चरणों का प्रयोग करेंगे:
- सबसे पहले हम 100 मिली लीटर पानी लेते हैं। यह चाय बनाने की प्रक्रिया में विलायक का कार्य करता है क्योंकि अन्य पदार्थ इसमें घुलते हैं।
- जब हम पानी में एक चम्मच चीनी मिलाते हैं, तो चीनी एक विलेय होती है जो पानी में घुलनशील होती है। चीनी पानी में घुल जाती है और एक विलयन (घोल) बनाती है।
- अब इसमें आधा चम्मच चाय पत्ती डालते हैं। चाय पत्ती अघुलनशील होती है, यानी वह पानी में नहीं घुलती, लेकिन उबालने पर पानी को रंग और स्वाद देती है।
- फिर हम इसमें आधा कप दूध मिलाते हैं। दूध और चीनी मिलकर चाय का स्वाद और रंग बढ़ाते हैं। इसे हम कुछ देर और उबालते हैं।
- अब चाय को छलनी से छानते हैं। इस प्रक्रिया को निस्पंदन कहते हैं।
- छानने के बाद जो चाय की पत्तियां बचती हैं, वे अवशेष कहलाती हैं। जो तरल चाय हमें मिलती है, वह घुलेय (फ़िल्ट्रेट) होती है।
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निम्नलिखित को पृथक् करने के लिए आप किन विधि को अपनाएँगे?
सोडियम क्लोराइड को जल के विलयन से पृथक् करने में।
प्रज्ञा ने तीन अलग-अलग पदार्थों की घुलनशीलताओं को विभिन्न तापमानों पर जाँचा तथा नीचे दिए गए आँकड़ों को प्राप्त किया। प्राप्त हुए परिणामों को 100 g जल में विलेय पदार्थ की मात्रा, जो संतृप्त विलयन बनाने हेतु पर्याप्त है, निम्नलिखित तालिका में दर्शाया गया है।
| क्रं | विलेय पदार्थ | तापमान K में | ||||
| 283 | 293 | 313 | 333 | 353 | ||
| 1 | पोटैशियम नाइट्रेट | 21 | 32 | 62 | 106 | 167 |
| 2 | सोडियम क्लोराइड | 36 | 36 | 36 | 37 | 37 |
| 3 | पोटैशियम क्लोराइड | 35 | 35 | 40 | 46 | 54 |
| 4 | अमोनियम क्लोराइड | 24 | 37 | 41 | 55 | 66 |
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निम्न की उदाहरण सहित व्याख्या करें:
संतृप्त विलयन
निम्नलिखित मिश्रणों में से विलयन की पहचान करें।
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- समुद्री जल
- वायु
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निम्नलिखित में से कौन समांगी प्रकृति के हैं?
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- लकड़ी
- मृदा
- वायु
निम्नलिखित से संबंधित प्रक्रम का नाम दीजिए -
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निम्नलिखित से संबंधित प्रक्रम का नाम दीजिए -
अंधेरे कमरे में सूक्ष्म छिद्र से प्रवेश करती हुई महीन प्रकाश किरण उसके पथ में उपस्थित कणों को प्रदीप्त कर देती है।
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