Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्न की उदाहरण सहित व्याख्या करें:
संतृप्त विलयन
Advertisements
उत्तर
- संतृप्त विलयन वह विलयन होता है जिसमें किसी निश्चित तापमान पर विलेय की अधिकतम मात्रा घुल चुकी होती है। उस तापमान पर विलयन विलेय की उस मात्रा से अधिक नहीं घुल सकता। कोई भी अतिरिक्त विलेय मिलाने पर वह अवक्षेप के रूप में बर्तन के तल पर बैठ जाएगा।
- मान लीजिए कि 500 ग्राम विलायक 40°C पर किसी विशेष विलेय के अधिकतम 150 ग्राम को घोल सकता है। तो, 300 K पर उस विलायक के 500 ग्राम में उस विलेय के 150 ग्राम को घोलकर प्राप्त विलयन को 300 K पर संतृप्त विलयन कहा जाता है।
संबंधित प्रश्न
एक संतृप्त विलयन बनाने के लिए 36 g सोडियम क्लोराइड को 100 g जल में 293 K पर घोला जाता है। इस तापमान पर इसकी सांद्रता प्राप्त करें।
निम्नलिखित को पृथक् करने के लिए आप किन विधि को अपनाएँगे?
सोडियम क्लोराइड को जल के विलयन से पृथक् करने में।
निम्नलिखित में से कौन टिनडल प्रभाव को प्रदर्शित करेगा?
- नमक का घोल
- दूध
- कॉपर सल्फ़ेट का विलयन
- स्टार्च विलयन
आयोडीन का टिंक्चर पूतिरोधी गुण रखता है। यह विलयन निम्नलिखित में से किसको घोलने पर बनता है?
निम्नलिखित में से कौन समांगी प्रकृति के हैं?
- बर्फ
- लकड़ी
- मृदा
- वायु
नमक के विलयन को जल से तनु करते समय एक विद्यार्थी ने गलती से एसीटोन (क्वथनांक 56°C) मिला दिया। एसीटोन को पुनः प्राप्त करने के लिए हम क्या तकनीक अपना सकते हैं? अपने विकल्प का औचित्य दीजिए
एक अध्यापक ने तीन A, B तथा C विद्यार्थियों को 50% ( द्रव्यमान-आयतन द्वारा) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) विलयन बनाने के लिए निर्देशित किया। A ने 50g NaOH को 100mL जल में घोला, 'B' ने 50g NaOH को 100 g जल में घोला जबकि 'C' ने 50g NaOH को जल में घोलकर 100mL विलयन बनाया। उनमें से किसने वांछित विलयन बनाया और क्यों?
आपके परिवेश में प्रेक्षित टिंडल प्रभाव के कुछ उदाहरण दीजिए।
एक विलयन हमेशा द्रव होता है। टिप्पणी कीजिए।
क्या एक विलयन विषमांगी हो सकता है?
