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प्रश्न
निम्न की उदाहरण सहित व्याख्या करें:
संतृप्त विलयन
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उत्तर
- संतृप्त विलयन वह विलयन होता है जिसमें किसी निश्चित तापमान पर विलेय की अधिकतम मात्रा घुल चुकी होती है। उस तापमान पर विलयन विलेय की उस मात्रा से अधिक नहीं घुल सकता। कोई भी अतिरिक्त विलेय मिलाने पर वह अवक्षेप के रूप में बर्तन के तल पर बैठ जाएगा।
- मान लीजिए कि 500 ग्राम विलायक 40°C पर किसी विशेष विलेय के अधिकतम 150 ग्राम को घोल सकता है। तो, 300 K पर उस विलायक के 500 ग्राम में उस विलेय के 150 ग्राम को घोलकर प्राप्त विलयन को 300 K पर संतृप्त विलयन कहा जाता है।
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सोडियम क्लोराइड को जल के विलयन से पृथक् करने में।
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प्रज्ञा ने तीन अलग-अलग पदार्थों की घुलनशीलताओं को विभिन्न तापमानों पर जाँचा तथा नीचे दिए गए आँकड़ों को प्राप्त किया। प्राप्त हुए परिणामों को 100 g जल में विलेय पदार्थ की मात्रा, जो संतृप्त विलयन बनाने हेतु पर्याप्त है, निम्नलिखित तालिका में दर्शाया गया है।
| क्रं | विलेय पदार्थ | तापमान K में | ||||
| 283 | 293 | 313 | 333 | 353 | ||
| 1 | पोटैशियम नाइट्रेट | 21 | 32 | 62 | 106 | 167 |
| 2 | सोडियम क्लोराइड | 36 | 36 | 36 | 37 | 37 |
| 3 | पोटैशियम क्लोराइड | 35 | 35 | 40 | 46 | 54 |
| 4 | अमोनियम क्लोराइड | 24 | 37 | 41 | 55 | 66 |
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