हिंदी

बुढ़िया को रोते देखकर लेखक चाहकर भी क्या न कर सका? - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

बुढ़िया को रोते देखकर लेखक चाहकर भी क्या न कर सका?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया को रोता देखकर लेखक ने उसके दुख को महसूस किया। वह बुढ़िया के पास बैठकर अपने हृदय की अनुभूति प्रकट करना चाहता था, पर अपनी पोशाक के कारण चाहकर भी ऐसा न कर सका।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: यशपाल - दुःख का अधिकार - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
अध्याय 1 यशपाल - दुःख का अधिकार
अतिरिक्त प्रश्न | Q 11

संबंधित प्रश्न

लेखिका ने कैसे जाना कि गिल्लू उसकी अनुपस्थिति में दुखी था?


'मनुष्य का अनुमान और भावी योजनाएँ कभी-कभी कितनी मिथ्या और उल्टी निकलती हैं' −का आशय स्पष्ट कीजिए।


लेखक ने अपने पिता से किया हुआ वायदा किस तरह निभाया? इससे आपको क्या सीख मिलती है?


हामिद खाँ की दुकान का चित्रण कीजिए।


लेखक को हामिद की याद बनी रहे, इसके लिए उसने क्या तरीका अपनाया?


हमें अपनी जान बचाने के लिए लड़ना पड़ता है, यही हमारी नियति है। ऐसा किसने और क्यों कहा? उसके इस कथन का लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

उस स्त्री को देखकर लेखक को कैसा लगा?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 
उन पत्रों को देख-देखकर दिल्ली और शिमला में बैठे वाइसराय लंबी साँस-उसाँस लेते रहते थे।


निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए

  1. वारिस – ____________
  2. जिगरी – ___________
  3. कहर – ___________
  4. मुकाम – ___________
  5. रूबरू – ___________
  6. फ़र्क – ___________
  7. तालीम – ___________
  8. गिरफ्तार – ___________

उदाहरण के अनुसार वाक्य बदलिए-
उदाहरण : गांधी जी ने महादेव भाई को अपना वारिस कहा था।
गांधी जी महादेव भाई को अपना वारिस कहा करते थे।

  1. महादेव भाई अपना परिचय ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ के रूप में देते थे।
  2. पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिभवन पर उमड़ते रहते थे।
  3. दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
  4. देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधी जी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।
  5. गांधी जी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

महादेव भाई स्वयं को गांधी जी का ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ क्यों कहते थे?


गांधी जी के पास किनके-किनके पत्र आते थे?


निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए -

सत्कार की ऊष्मा समाप्त हो रही थी। (भविष्यत् काल)


‘तुम कब जाओगे, अतिथि’ यह प्रश्न लेखक के मन में कब घुमड़ने लगा?


यदि अतिथि पाँचवें दिन भी रुक गया तो लेखक की क्या दशा हो सकती थी?


अतिथि रूपी देवता और लेखक रूपी मनुष्य को साथ-साथ रहने में क्या परेशानियाँ दिख रही थीं?


अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए रामन् ने अपना योगदान किस तरह दिया? इससे छात्रों को क्या लाभ हुए?


रामन् द्वारा खोजे गए रामन् प्रभाव के कारण उनकी प्रसिधि और सम्मान पर क्या असर पड़ा? पठित पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।


लेखक ने लोगों के किन कार्यों को वाह्याडंबर कहा है और क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×