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प्रश्न
‘बढ़ती आबादी, कटते वन, प्रदूषण से प्रभावित होता जन जीवन’ पर अपने विचार लिखिए।
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उत्तर
आज हमारे देश की जनसंख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। लोगों के रहने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसी कारण वनों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। पूरे विश्व में जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाले दुष्प्रभावों को मनुष्य प्रतिदिन झेल रहा है। कहीं अत्यधिक वर्षा हो रही है तो कहीं सूखे की स्थिति बन रही है। कारखानों से निकलने वाले रासायनिक पदार्थों के नदी, तालाब और समुद्र में मिलने से जल प्रदूषण में वृद्धि हुई है।
पेड़-पौधों की संख्या में लगातार कमी आने से वायु प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसका सामना लोग कर रहे हैं। इसके साथ ही परिवहन साधनों में बढ़ोतरी होने से उनसे निकलने वाला धुआँ भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बढ़ती जनसंख्या के भरण-पोषण के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है। इस प्रकार जनसंख्या वृद्धि, वनों की कटाई और प्रदूषण के कारण लोगों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
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संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| मैंने देखा, हरसिंगार नये पत्तों और टहनियों से लद गया है। जोड़े में खंखड़-सा हो जाता है और कभी-कभी डर लगता है कि यह सूख तो नहीं रहा है, लेकिन वसंत आते ही इसके भीतर सोई ऊर्जा जागने लगती है, प्राणरस छलकने लगता है और क्रमश: नई टहनियों तथा नये पत्तों के सौंदर्य से लद जाता है। मैं उसे देख रहा हूँ और लगता है, अब इसमें फूल आया, तब इसमें फूल आया। हाँ, यह हरसिंगार बहुत मस्त है। आषाढ़ में हलकी-हलकी हँसी उसमें फूटने लगती है, फिर शरद में तो कहना ही क्या! तारों भरा आसमान बन जाता है। रात भर जगमग-जंगमंग करता रहता है और सुबह को अनंत फूलों के रूपमें धरती पर बिछ जाता है। रात भर उसकी महक घर में टहलती रहती है। |
(1) कृति पूर्ण कौजिए: (2)
हरसिंगार में होने वाले बदलाव
- वसंत ऋतु में ______
- वर्षा ऋतु में ______
(2) (i) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए: (1)
ऊर्जा जागने लगती है।
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- पुरानी × ______
- दिन × ______
(3) “प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| 'चिड़ियाँ चहचहा उठीं। फिर समूह में फुर्र से उड़ी और आकाश में पंखों व स्वरों की एक लय बन गई, फिर वे लौट आईं। हाँ उनके आश्रय की तरह यह हरसिंगार का पेड़ कितना खुश हो रहा है। जैसे कह रहा हो, “आओ चिड़ियो, मेरी डाल-डाल पर फुदको और गाओ। आओ चिड़ियो अपने मीठे-मीठे स्वरों से मुझे नहलाओ।" मैंने देखा, हरसिंगार नये पत्तों और टहनियों से लद गया हैं। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए- (2)
(i)

(2) (i) प्रत्यय लगाकार वाक्य फिर से लिखिए: (1)
पेड़ कितना खुश हो रहा है।
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- अप्रसन्न - ______
- कड़वे - ______
(3) चिड़ियों की चहचहाट पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
फूलों से बनने वाली औषधियाें की जानकारी अंतरजाल पर पढ़िए।
‘वनभोज’ महोत्सव का आयोजन कब, क्यों और कहाँ किया जाता है, इसके बारे में बड़ों से सुनिए तथा लिखिए।
‘प्रकृति हर पल नया रूप धारण करती है’ इससे संबंधित अपने आस-पास के उदाहरणों को देकर अपने मित्रों से संवाद कीजिए।
संजाल पूर्ण कीजिए:

पाठ में आई वनस्पतियों का वर्गीकरण कीजिए:
| अ.क्र | लताएँ | पौधे | वृक्ष |
कृति पूर्ण कीजिए:
हरसिंगार में ॠतुओं के अनुसार होने वाले बदलाव
| वसंत | |
| शरद |
कृति पूर्ण कीजिए:

क्रमानुसार ॠतुओं के नाम लिखिए:
| १ | वसंत |
| २ | |
| ३ | |
| ४ | |
| ५ | |
| ६ |
