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प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| 'चिड़ियाँ चहचहा उठीं। फिर समूह में फुर्र से उड़ी और आकाश में पंखों व स्वरों की एक लय बन गई, फिर वे लौट आईं। हाँ उनके आश्रय की तरह यह हरसिंगार का पेड़ कितना खुश हो रहा है। जैसे कह रहा हो, “आओ चिड़ियो, मेरी डाल-डाल पर फुदको और गाओ। आओ चिड़ियो अपने मीठे-मीठे स्वरों से मुझे नहलाओ।" मैंने देखा, हरसिंगार नये पत्तों और टहनियों से लद गया हैं। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए- (2)
(i)

(2) (i) प्रत्यय लगाकार वाक्य फिर से लिखिए: (1)
पेड़ कितना खुश हो रहा है।
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- अप्रसन्न - ______
- कड़वे - ______
(3) चिड़ियों की चहचहाट पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
संक्षेप में उत्तर
सारिणी
एक पंक्ति में उत्तर
एक शब्द/वाक्यांश उत्तर
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उत्तर
(1) (i)

(2) (i) पेड़ कितना खुशहाल हो रहा है।
(ii)
- अप्रसन्न - खुश
- कड़वे - मीठे
(3) सुबह-सुबह, सूरज उगने से ठीक पहले, केवल पक्षियों का गायन ही दुनिया की गति को बदल सकता है। जाग्रत प्राणी की सोच नए जोश से ओत-प्रोत है। इससे उनका मन भी हर्षित महसूस करता है। वह अपने होठों पर कुछ गुनगुना कर जीवन में भाग लेने लगता है।
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प्रकृति संवाद
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