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भारतेंदु ने कुल के गर्व को दुहराने के बजाय देश के गर्व को दुहराया....’ पाठ के आधार पर बताइए।

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प्रश्न

भारतेंदु ने कुल के गर्व को दुहराने के बजाय देश के गर्व को दुहराया....’ पाठ के आधार पर बताइए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

भारतेंदु का जन्म उच्च कुल में हुआ था। उनके जन्म के समय केवल उच्च कुलों का ही सम्मान था। उच्च कुल में पैदा होने के बावजूद उन्होंने अपने साहित्य में कुल के गर्व को सम्मान नहीं दिया, बल्कि उन्होंने देश के गर्व को स्थान दिया। उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से अंग्रेजों की नीतियां, अशिक्षा, मातृभाषा के प्रति प्रेम आदि को जनता के समक्ष उजागर कर देश की स्थिति सुधारने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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गद्य (Prose) (11th Standard)
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अध्याय 11: भारती का सपूत - स्वाध्याय [पृष्ठ ६०]

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बालभारती Hindi Yuvakbharati Standard 11 Maharashtra State Board
अध्याय 11 भारती का सपूत
स्वाध्याय | Q ४. (अ) | पृष्ठ ६०
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