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बातचीत करते समय हमारी बातें, हाथ की हरकत से प्रभावशाली होकर दूसरे तक पहुँचती हैं। हाथ की हरकत से या हाथ के इशारे से भी कुछ कहा जा सकता है। नीचे लिखे हाथ के इशारे किन अवसरों पर प्रयोग होते हैं? लिखो

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प्रश्न

बातचीत करते समय हमारी बातें, हाथ की हरकत से प्रभावशाली होकर दूसरे तक पहुँचती हैं। हाथ की हरकत से या हाथ के इशारे से भी कुछ कहा जा सकता है।
नीचे लिखे हाथ के इशारे किन अवसरों पर प्रयोग होते हैं? लिखो-

  1. ‘क्यों’ पूछते हाथ
  2. मना करते हाथ
  3. समझाते हाथ
  4. बुलाते हाथ
  5. आरोप लगाते हाथ
  6. चेतावनी देते हाथ
  7. जोश दिखाते हाथ
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उत्तर

  1. ‘क्यों’ पूछते हाथ- का प्रयोग हम किसी से प्रश्न करते समय करते हैं।
  2. ‘मना करते हाथ’- किसी की बात को मना करने के लिए किया गया हाथों का प्रयोग।
  3. बुलाते हाथ- किसी को बुलाने के लिए किया गया हाथों का प्रयोग।
  4. आरोप लगाते हाथ- किसी पर दोष मढ़ते समय हाथ की ऊँगली का इशारा।
  5. जोश दिखाते हाथ- जोश दिखाने के लिए दोनों हाथों का इशारा करते हैं।
  6. समझाते हाथ- हम हाथ के संकेत से समझाते हैं।
  7. चेतावनी देते हाथ- किसी काम के परिणाम के विषय में आगाह करते समय।
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गद्य (Prose) (Class 6)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: साथी हाथ बढ़ाना - कुछ करने को [पृष्ठ ४६]

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एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 7 साथी हाथ बढ़ाना
कुछ करने को | Q 1 | पृष्ठ ४६

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क्रियाओं से भी भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं। जैसे मारना से मार, काटना से काट, हारना से हार, सीखना से सीख, पलटना से पलट और हड़पना से हड़प आदि भाववाचक संज्ञाएँ बनी हैं। तुम भी इस संस्मरण से कुछ क्रियाओं को छाँटकर लिखो और उनके भाववाचक संज्ञा बनाओ।


चार दिन, कुछ व्यक्ति, एक लीटर दूध आदि शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दो तो पता चलेगा कि इसमें चार, कुछ और एक लीटर शब्द से संख्या या परिमाण का आभास होता है, क्योंकि ये संख्यावाचक विशेषण हैं। इसमें भी चार दिन से निश्चित संख्या का बोध होता है, इसलिए इसको निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं और कुछ व्यक्ति से अनिश्चित संख्या का बोध होने से इसे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। इसी प्रकार एक लीटर दूध से परिमाण का बोध होता है इसलिए इसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।

अब तुम नीचे लिखे वाक्यों को पढ़ो और उनके सामने विशेषण के भेदों को लिखो-
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(क) हाथ को हाथ न सूझना
(ख) हाथ साफ़ करना
(ग) हाथ-पैर फूलना
(घ) हाथों-हाथ लेना
(ङ) हाथ लगना


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