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“बाणोच्छिष्टं जगत्सर्वम्‌” इसका आशय क्या है?

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प्रश्न

“बाणोच्छिष्टं जगत्सर्वम्‌” इसका आशय क्या है?

लघु उत्तरीय
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उत्तर

“बाणोच्छिष्टं जगत्सर्वम्‌” का सीधा शाब्दिक अर्थ है - “यह संपूर्ण संसार बाणभट्ट की जूठन है।” यह संस्कृत साहित्य की एक अत्यंत प्रसिद्ध सूक्ति है, जिसका उपयोग महाकवि बाणभट्ट की अद्वितीय प्रतिभा और ज्ञान की व्यापकता को दर्शाने के लिए किया जाता है।
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अध्याय 7: गद्यकाव्य एवं चम्पूकाव्य - अभ्यास-प्रश्न [पृष्ठ ७१]

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एनसीईआरटी Sanskrit Sahitya Parichay [English] Class 11 and 12
अध्याय 7 गद्यकाव्य एवं चम्पूकाव्य
अभ्यास-प्रश्न | Q 15. | पृष्ठ ७१
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