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बादशाह के नाम का प्रसंग आते ही लेखिका की बातों में मियाँ नसीरुद्दीन की दिलचस्पी क्यों खत्म होने लगी? - Hindi (Core)

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प्रश्न

बादशाह के नाम का प्रसंग आते ही लेखिका की बातों में मियाँ नसीरुद्दीन की दिलचस्पी क्यों खत्म होने लगी?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

लेखिका ने जब मियाँ नसीरुद्दीन से उनके खानदानी नानबाई होने का रहस्य पूछा तो उन्होंने बताया कि उनके बुजुर्ग बादशाह के लिए भी रोटियाँ बनाते थे। लेखिका ने उनसे बादशाह का नाम पूछा तो उनकी दिलचस्पी लेखिका की बातों में खत्म होने लगी। सच्चाई यह थी कि वे किसी बादशाह का नाम नहीं जानते थे और न ही उनके परिवार का किसी बादशाह से संबंध था। बादशाह का बावची होने की बात उन्होंने अपने परिवार की बड़ाई करने के लिए कह दिया था। बादशाह का प्रसंग आते ही वे बेरुखी दिखाने लगे।

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मियाँ नसीरुद्दीन
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अध्याय 1.02: मियाँ नसीरुद्दीन - अभ्यास [पृष्ठ २८]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
अध्याय 1.02 मियाँ नसीरुद्दीन
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ २८

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(क) मियाँ मशहूर हैं छप्पन किस्म की रोटियाँ बनाने के लिए।

(ख) निकाल लेंगे वक्त थोड़ा।

(ग) दिमाग में चक्कर काट गई है बात।

(घ) रोटी जनाब पकती है आँच से।


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