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प्रश्न
अथर्ववेद के मंत्रों में किन-किन बातों का वर्णन है?
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उत्तर
अथर्ववेद में यज्ञ से भिन्न विषयों का विपुल संकलन है। बहुत दिनों तक कर्मकाण्ड से इसे पृथक् रखा गया था। त्रयी का अर्थ तीन वेद होता है, जिसमें अथर्ववेद का समावेश नहीं होता। किन्तु वैदिक परम्परा में ही उसे ब्रह्मवेद कहा गया है अर्थात् वह ब्रह्मा नामक ऋत्विज् के उपयोग के लिए है।
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