Advertisements
Advertisements
प्रश्न
असमानुपातन से आप क्या समझते हैं? जलीय विलयन में असमानुपातन अभिक्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए।
Advertisements
उत्तर
रासायनिक प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप एक ही समय में किसी पदार्थ का ऑक्सीकरण और अपचयन असमानुपातन कहलाता है। जैसे,
\[\ce{3\overset{0}{Cl2} + 6OH^- -> 5\overset{-1}{Cl}^- + \overset{+5}{Cl}O^-_3 + 3H2O}\]
\[\ce{3\overset{+6}{Mn}O^{2-}_4 + 4H^+ -> 2\overset{+7}{Mn}O^-_4 + \overset{+4}{Mn}O2 + 2H2O}\]
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
\[\ce{M^{2+}_{ (aq)}}\] ion (Z = 27) के लिए ‘प्रचक्रण-मात्र' चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।
संक्रमण धातुओं की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता असंक्रमण धातुओं में ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता से किस प्रकार भिन्न है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –
आयोडाइड आयन
पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –
आयरन (II) विलयन
पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –
H2S
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
जलीय विलयन में कोबाल्ट (II) स्थायी है परंतु संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में यह सरलतापूर्वक ऑक्सीकृत हो जाता है।
मिश्रातुएँ क्या हैं?
हुंड-नियम के आधार पर Ce3+ आयन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को व्युत्पन्न कीजिए तथा ‘प्रचक्रण मात्र सूत्र’ के आधार पर इसके चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।
प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व भारी संक्रमण तत्वों के अनेक गुणों से भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। टिप्पणी कीजिए।
