हिंदी

अज्ञानी गुरुओं की शरण में जाने पर शिष्यों की क्या गति होती है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अज्ञानी गुरुओं की शरण में जाने पर शिष्यों की क्या गति होती है?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

अज्ञानी गुरुओं की शरण में जाने पर शिष्यों का उपकार नहीं होता अपितु ऐसे गुरु शिष्यों को गलत रास्ते दिखाते हैं। वे घर-घर मंत्र देते फिरते हैं तथा अभिमान में डूबे जाते हैं। अभिमान के कारण ये ईश्वर को प्राप्त नहीं कर पाते और दोनों का अंत बुरा होता है।

shaalaa.com
हम तौ एक एक करि जांनां।
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.01: हम तौ एक एक करि जांनां। - अभ्यास [पृष्ठ १३२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh bhag 1 Class 11
अध्याय 2.01 हम तौ एक एक करि जांनां।
अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ १३२
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×