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प्रश्न
आपका नाम सना/सोहम है और आपने बीते दो वर्षों में ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई की है। अपने मित्र को इस अनुभव की अच्छाइयों और सीमाओं से अवगत कराते हुए लगभग 120 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
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उत्तर
दिनांक: १० मई २०२२
मालेश्वर कॉलोनी,
आगरा।
प्रिय मित्र राजेश,
मैं आशा करता हूँ कि तुम वहाँ कुशल होंगे। मैं भी यहाँ कुशल हूँ। मुझे कल ही तुम्हारा पत्र मिला। जिसमें तुमने ऑनलाइन कक्षाओं के बारे में पूछा था। पिछले दो वर्षों में जैसा कि तुम भी जानते ही हो कि सभी ने ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से घर बैठे अपने विद्यालय के पाठ्यक्रम को पूरा किया है। इस महामारी के समय जब कोई भी विद्यालय नहीं खोला जा सकता था तब बच्चों की शिक्षा के लिए ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को बराबर पढ़ाया गया।
ऑनलाइन कक्षाओं के कारण ही हमारी ऑफलाइन कक्षाओं की पढ़ाई नहीं रुकी अन्यथा सभी विद्यार्थियों का यह संपूर्ण वर्ष व्यर्थ जाता और उन्हें भविष्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता। ऑनलाइन कक्षाओं में, जो बच्चे विद्यालय जाकर हिचकिचाहट के कारण अध्यापकों से विचार-विमर्श नहीं कर पाते थे वह भी आसानी से अपनी सभी छोटी-बड़ी समस्याओं को अध्यापक से पूछ सकते हैं। इसीलिए ऑनलाइन शिक्षा का हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व है।
लेकिन मित्र इसके फायदों के साथ-साथ नुकसान भी थे। कभी-कभी ऑनलाइन क्लास में बहुत बोरियत हो जाती थी, क्योंकि अकेले होते थे। ज्यादा किसी से बात नहीं कर पाते थे। कक्षा में हम लोग अपने दोस्तों से बातचीत करते रहते थे और एक दूसरे से पूछ लिया करते थे, लेकिन ऑनलाइन क्लास में अकेले ही मोबाइल या लैपटॉप के सामने बैठे रहना पड़ता था। पहले तो हमें घंटों बैठना पड़ता था, बाद में अधिकतम समय निश्चित हो गया। इससे हमें यह फायदा हुआ है कि हम टेक-फ्रेंडली हो गए हैं और हमारी पढ़ाई का भी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन पढ़ाई करने में उतना मजा नहीं आया जितना स्कूल में आता था। आशा करता हूँ तुम्हें ऑनलाइन शिक्षा का महत्व पता चल गया होगा। तुम भी ऑनलाइन क्लास के बारे में अपने अनुभव लिखना।
तुम्हारा मित्र
सोहम
