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प्रश्न
आप मादा युग्मकोभिद् के एकबीजाणुज विकास से क्या समझते हैं?
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उत्तर
गुरुबीजाणुजनन के फलस्वरूप बने गुरुबीजाणु चतुष्क (tetrad) में से तीन नष्ट हो जाते हैं। तथा केवल एक गुरुबीजाणु ही सक्रिय होता है जो मादा युग्मकोभिद् का विकास करता है। गुरुबीजाणु का केन्द्रक तीन, सूत्री विभाजनों द्वारा आठ केन्द्रक बनाता है। प्रत्येक ध्रुव पर चार-चार केंद्रक व्यवस्थित हो जाते हैं। भ्रूणकोष के बीजाण्डद्वारी ध्रुव पर स्थित चारों केंद्रक में से तीन केंद्रक कोशिकाएँ अंडउपकरण (egg apparatus) बनाते हैं, जबकि निभागीय सिरे के चार केंद्रकों में से तीन केंद्रक प्रतिव्यासांत कोशिकाएँ (antipodal cells) बनाते हैं। दोनों ध्रुवों से आये एक-एक केंद्रक, केन्द्रीय कोशिका में संयोजन द्वारा ध्रुवीय बीजांडकाय (polar nucleus) बनाते हैं। चूंकि मादा युग्मकोद्भिद् सिर्फ एक ही गुरुबीजाणु से विकसित होता है, अत: इसे एकबीजाणुज विकास कहते हैं।
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