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“आज, जो स्थिति है और जिस तरह हमारी तकनीक विकसित हो चुकी है, उसमें अगर इन लोगों को काम करने का मौका मिलता, तब तो कमाल ही हो गया होता।” आज तकनीकी विकास इतना अधिक हो चुका है

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प्रश्न

“आज, जो स्थिति है और जिस तरह हमारी तकनीक विकसित हो चुकी है, उसमें अगर इन लोगों को काम करने का मौका मिलता, तब तो कमाल ही हो गया होता।”

आज तकनीकी विकास इतना अधिक हो चुका है कि अनेक धोखेबाज/ठग कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करके अपनी आवाज़ बदलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। कक्षा में चर्चा कीजिए और बताइए कि साइबर सुरक्षा नियमों का प्रयोग करते हुए इस प्रकार की धोखाधड़ी से किस प्रकार बचा जा सकता है?

कृति
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उत्तर

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से धोखेबाज किसी परिचित व्यक्ति की आवाज़ की नकल करके लोगों से पैसे या निजी जानकारी माँग सकते हैं। ऐसी साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए हमें निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए—

  1. किसी परिचित की आवाज़ सुनकर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। दूसरे नंबर पर फोन करके उसकी पहचान की पुष्टि करनी चाहिए।
  2. किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना OTP, पासवर्ड, बैंक खाते या अन्य निजी जानकारी नहीं देनी चाहिए।
  3. अनजान नंबरों से आने वाली कॉल और संदिग्ध संदेशों से सावधान रहना चाहिए।
  4. किसी के कहने पर बिना जाँच किए पैसे नहीं भेजने चाहिए।
  5. अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और संदिग्ध ऐप डाउनलोड नहीं करने चाहिए।
  6. अपने मोबाइल और ऑनलाइन खातों में मजबूत पासवर्ड तथा दो-स्तरीय सुरक्षा का प्रयोग करना चाहिए।

साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करनी चाहिए।

इन सावधानियों को अपनाकर हम अपनी निजी जानकारी और धन को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रख सकते हैं।

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अध्याय 4: ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार) - अभ्यास [पृष्ठ ७९]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga Class 9
अध्याय 4 ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार)
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ७९
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