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“वे बस हमको गंभीरता से देखते थे… मगर हम सभी समझ जाते थे कि हमको बुलाया किसलिए गया है।” क्या आपके जीवन में भी कोई ऐसा व्यक्ति है जो बिना कुछ बोले सिर्फ नजरों या संकेतों (हाव-भाव)

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प्रश्न

“वे बस हमको गंभीरता से देखते थे… मगर हम सभी समझ जाते थे कि हमको बुलाया किसलिए गया है।”

क्या आपके जीवन में भी कोई ऐसा व्यक्ति है जो बिना कुछ बोले सिर्फ नजरों या संकेतों (हाव-भाव) से ही आपको समझा देता है? उस अनुभव के विषय में बताइए।

कृति
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उत्तर

हाँ, मेरे जीवन में मेरी माँ एक ऐसी व्यक्ति हैं, जो बिना कुछ बोले केवल अपनी नजरों और संकेतों से मुझे समझा देती हैं। एक बार मैं पढ़ाई छोड़कर मोबाइल चला रहा था। माँ ने मुझे गंभीर नजरों से देखा। उनके बिना कुछ कहे ही मैं समझ गया कि मुझे पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। मैंने तुरंत मोबाइल रख दिया और पढ़ने बैठ गया। इस अनुभव से मुझे समझ आया कि अपनों की भावनाओं को समझने के लिए हमेशा शब्दों की आवश्यकता नहीं होती।

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अध्याय 4: ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार) - अभ्यास [पृष्ठ ८०]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga Class 9
अध्याय 4 ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार)
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ८०
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