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त्योहारों के संदर्भ में एक बात और ध्यान में आती है कि अधिकांश प्रदेशों में पर्वों व अनुष्ठानों से संदर्भित घर-घर गीत गाए जाने का प्रचलन रहा है।” आपने पढ़ा कि भारत में त्योहारों

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प्रश्न

त्योहारों के संदर्भ में एक बात और ध्यान में आती है कि अधिकांश प्रदेशों में पर्वों व अनुष्ठानों से संदर्भित घर-घर गीत गाए जाने का प्रचलन रहा है।” आपने पढ़ा कि भारत में त्योहारों पर फाग, धमार, सोहर, बधावा, छठ के गीत आदि गाने की परंपरा है। अपने क्षेत्र में गाए जाने वाले ऐसे गीतों के विषय में अपने घर में पता कीजिए और एक गीत अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।

कृति
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उत्तर

हमारे क्षेत्र में होली, दीपावली, विवाह और बच्चे के जन्म जैसे शुभ अवसरों पर पारंपरिक लोकगीत गाए जाते हैं। होली पर फाग गीत, विवाह में मंगलगीत और बच्चे के जन्म पर सोहर गीत गाने की परंपरा है। इन गीतों से खुशी, प्रेम और आपसी एकता की भावना प्रकट होती है।

होली का लोकगीत (फाग)

होली आई, होली आई,

रंगों की बहार लाई।

लाल, गुलाबी, पीले रंग,

सबके मन में भरें उमंग।

ढोलक बाजे, गीत सुनाएँ,

मिलकर सब त्योहार मनाएँ।

प्रेम और खुशियाँ फैलाएँ,

हँसते-गाते होली मनाएँ।

यह होली के लोकगीतों की शैली में लिखा गया एक उदाहरण है। इसे गाकर हम त्योहार की खुशी और आपसी भाईचारे की भावना व्यक्त कर सकते हैं।

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अध्याय 4: ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार) - अभ्यास [पृष्ठ ७९]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga Class 9
अध्याय 4 ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार)
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ ७९
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