हिंदी

आधुनिक युग में कविता की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आधुनिक युग में कविता की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

  • आधुनिक युग में कविताओं में संभावनाएँ-
  1. अभिव्यक्ति को सहज और सुंदर रूप से व्यक्ति करना।
  2. कविताओं को यथार्थ से और भी समीप से जोड़ना।
  3. कविता की भाषा शैली और शिल्प शैली में बदलाव करना।
  4. कविता में अलंकारों और छंदों के स्वरूप में नए बदलाव।
shaalaa.com
बात सीधी थी पर
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर) - अभ्यास [पृष्ठ २०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 3 कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)
अभ्यास | Q 4.1 | पृष्ठ २०

संबंधित प्रश्न

कविता और बच्चे को समानांतर रखने के क्या कारण हो सकते हैं?


'भाषा को सहूलियत' से बरतने से क्या अभिप्राय है?


बात और भाषा परस्पर जुड़े होते हैं, किंतु कभी-कभी भाषा के चक्कर में ‘सीधी बात भी टेढ़ी हो जाती है’ कैसे?


व्याख्या करें

ज़ोर ज़बरदस्ती से
बात की चूड़ी मर गई
और वह भाषा में बेकार घूमने लगी।


चूड़ी, कील, पेंच आदि मूर्त्त उपमानों के माध्यम से कवि ने कथ्य की अमूर्त्तता को साकार किया है। भाषा को समृद्ध एवं संप्रेषणीय बनाने में, बिबों और उपमानों के महत्त्व पर परिसंवाद आयोजित करें।


सुंदर है सुमन, विहग सुंदर
मानव तुम सबसे सुंदरतम।

पंत की इस कविता में प्रकृति की तुलना में मनुष्य को अधिक सुंदर और समर्थ बताया गया है 'कविता के बहाने' कविता में से इस आशय को अभिव्यक्त करने वाले बिंदुओं की तलाश करें।

प्रतापनारायण मिश्र का निबंध 'बात' और नागार्जुन की कविता 'बातें' ढूँढ़ कर पढ़ें।


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

व्यक्ति पर प्रशंसा का क्या प्रभाव पड़ता है? 'बात सीधी थी पर' कविता के आधार पर बताइए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×