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2.50 kg द्रव्यमान की 20 cm लंबी तानित डोरी पर 200 N बल का तनाव है। यदि इस डोरी के एक सिरे को अनुप्रस्थ झटका दिया जाए, तो उत्पन्न विक्षोभ कितने समय में दूसरे सिरे तक पहुँचेगा?

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प्रश्न

2.50 kg द्रव्यमान की 20 cm लंबी तानित डोरी पर 200 N बल का तनाव है। यदि इस डोरी के एक सिरे को अनुप्रस्थ झटका दिया जाए, तो उत्पन्न विक्षोभ कितने समय में दूसरे सिरे तक पहुँचेगा?

संख्यात्मक
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उत्तर

डोरी का द्रव्यमान m = 2.50 kg, लंबाई = 20 cm = 0.2 m

तथा डोरी का तनाव T = 200 N

∴ डोरी का रेखीव घनत्व `mu = "m"/"l"`

` = (2.50  "kg")/(0.2  "m")`

 = 12.5 kg m-1

∴ डोरी में अनुप्रस्थ तरंग की चाल  `upsilon = sqrt"T"/mu`

`= sqrt((200  "N")/(12.5  "kg"  "m"^-1))`

`= 4 "m" "s"^-1`

∴ विक्षोभ को दूसरे सिरे तक पहुंचने में या l = 0.2 m दूरी तय करने में लगा समय

`"t" = "l"/upsilon`

` = (0.2  "m")/(4  "m""s"^-1)`

= 0.05 s

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अनुप्रस्थ तथा अनुदैर्घ्य तरंगें
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अध्याय 14: तरंगें - अभ्यास [पृष्ठ ४०६]

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एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 14 तरंगें
अभ्यास | Q 15.1 | पृष्ठ ४०६
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