Advertisements
Advertisements
प्रश्न
20 सेमी ऊँचाई और शीर्ष कोण 60 डिग्री वाले एक शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोबीच से होकर जाते हुए एक तल से दो भागों में काटा गया है, जबकि तल शंकु के आधार के समांतर है। यदि इस प्राप्त शंकु के छिन्नक को व्यास `1/16` सेमी वाले एक तार के रूप में बदल दिया जाता है तो तार की लंबाई ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = `22/7`]
Advertisements
उत्तर

ΔAEG में,
EG/AG = tan 30º
`EG = 10/sqrt3 "सेमी" = (10sqrt3)/3`
ΔABD में,
BD/AD = tan 30º
`BD = 20/sqrt3 = (20sqrt3)/3cm`
छिन्नक के ऊपरी सिरे की त्रिज्या (r1) = `(10sqrt3)/3` सेमी .
कंटेनर के निचले सिरे की त्रिज्या (r2) = `(20sqrt3)/3cm`
कंटेनर की ऊंचाई (h) = 10 सेमी
छिन्नक का आयतन = `1/3pih(r_1^2+r_2^2+r_1r_2)`
`=1/3xxpixx10[((10sqrt3)/3)^2 + ((20sqrt3)/3)^2 + ((10sqrt3)(10sqrt3))/(3xx3)]`
`= 10/3pi[100/3+400/3+200/3]`
`=10/3xx22/7xx700/3=22000/9 "सेमी"^3`
तार की त्रिज्या (r) = = `1/16xx1/2 = 1/32cm`
माना तार की लंबाई l है।
तार का आयतन = अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल × लंबाई
= (πr2) (L)
= `pi(1/32)^2 xx l`
छिन्नक का आयतन = तार का आयतन
`22000/9 = 22/7xx(1/32)^2xxl`
`7000/9 xx1024 = l`
L = 796444.44 सेमी
संबंधित प्रश्न
एक शंकु के छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई 4 सेमी है तथा इसके वृत्तीय सिरों के परिमाप 18 सेमी और 6 सेमी हैं। इस छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
धातु की चादर से बना और ऊपर से खुला एक बर्तन शंकु के एक छिन्नक के आकार का है, जिसकी ऊँचाई 16 सेमी है तथा निचले और ऊपरी सिरों की त्रिज्याएँ क्रमश: 8 सेमी और 20 सेमी हैं। 20 रु प्रति लीटर की दर से, इस बर्तन को पूरा भर सकने वाले दूध का मूल्य ज्ञात कीजिए। साथ ही, इस बर्तन को बनाने के लिए प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य 8 रु प्रति 100 वर्ग सेमी की दर से ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = 3.14]
शंकु के एक छिन्नक के लिए, पूर्व स्पष्ट किए संकेतों का प्रयोग करते हुए, वक्र पृष्ठीय क्षेत्र फल और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्र फल के उन सूत्रों को सिद्ध कीजिए,
एक शंकु के छिन्नक के आयतन का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।
एक गिलास का आकार प्रायः निम्न रूप का होता है-

एक शंकु को उसके आधार के समांतर एक तल की सहायता से काटा जाता है और फिर तल के एक ओर बने शंकु को हटा दिया जाता है। तल के दूसरी ओर बचा हुआ नया भाग कहलाता है एक ______।
एक बाल्टी के दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 44 cm और 24 cm हैं तथा बाल्टी की ऊँचाई 35 cm है। इस बाल्टी की धारिता ______ है।
एक लंब वृत्तीय शंकु में, उसके आधार के समांतर खींचे गये तल द्वारा काटा गया अनुप्रस्थ-काट होता है एक ______।
शंकु के एक छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल πl (r1 + r2) होता है, जहाँ `l = sqrt(h^2 + (r_1 + r _2)^2)` है, r1 और r2 छिन्नक के दोनों सिरों की त्रिज्याएँ हैं तथा h ऊर्ध्वाधर ऊँचाई है।
धातु की एक खुली बाल्टी इस आकार जैसी है कि उसी धातु की चादर से बने बेलनाकार (खोखला) आधार पर एक शंकु का छिन्नक रखा हुआ है। इसके लिए प्रयुक्त धातु की चादर का पृष्ठीय क्षेत्रफल बराबर है :
शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + वृत्ताकार आधार का क्षेत्रफल + बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
