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Science (Hindi Medium) Class 12 [कक्षा १२] - CBSE Question Bank Solutions for Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Chemistry (रसायन विज्ञान)
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एक सामान्य अभिक्रिया A →B के लिए A की सांद्रता तथा समय के मध्य ग्राफ चित्र में दिया गया है।

  1. अभिक्रिया की कोटि क्या है?
  2. वक्र का ढाल क्या है?
  3. वेग स्थिरांक की इकाई क्या है?

[3] रासायनिक बलगतिकी
Chapter: [3] रासायनिक बलगतिकी
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आण्विकता केवल प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अनुप्रयोज्य क्यों है, जबकि अभिक्रिया की कोटि प्राथमिक तथा जटिल दोनों के लिए अनुप्रयोज्य है?

[3] रासायनिक बलगतिकी
Chapter: [3] रासायनिक बलगतिकी
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कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद्, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।

कॉलम I कॉलम II

(i)

 

(ii)

(a) प्रथम कोटि

(iii) 

(b) शून्य कोटि

(iv)

 
[3] रासायनिक बलगतिकी
Chapter: [3] रासायनिक बलगतिकी
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कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक (a) वेग स्सिरांक के
 

(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया
वेग बराबर होता है।

(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
 

(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई
सामान होती है।

(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। (d) अभिक्रिया की दर होती है।
[3] रासायनिक बलगतिकी
Chapter: [3] रासायनिक बलगतिकी
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अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।

तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।

[3] रासायनिक बलगतिकी
Chapter: [3] रासायनिक बलगतिकी
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अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।

[3] रासायनिक बलगतिकी
Chapter: [3] रासायनिक बलगतिकी
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एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?

[3] रासायनिक बलगतिकी
Chapter: [3] रासायनिक बलगतिकी
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जल में साबुन की सांद्रता उच्च होने पर साबुन किसके समान व्यवहार करता है?

[5] पृष्ठ रसायन
Chapter: [5] पृष्ठ रसायन
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C4H10O अणुसूत्र वाली ऐल्कोहॉलों के समावयवों की संरचनाएँ लिखिए। इनमें से कौन-सी ध्रुवण घूर्णकता प्रदर्शित करती है?

[7] ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
Chapter: [7] ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
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निम्नलिखित में से कौन-से कोलॉइड आसानी से स्कंदित नहीं हो सकते?

  1. द्रवविरागी कोलॉइड
  2. अनुत्क्रमणीय कोलॉइड
  3. उत्क्रमणीय कोलॉइड
  4. द्रवरागी कोलॉइड
[5] पृष्ठ रसायन
Chapter: [5] पृष्ठ रसायन
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ऐल्कोहॉलों में C−O−H आबंध कोण चतुष्फलकीय कोण से थोड़ा सा कम होता है जबकि ईथर में C−O−C आबंध कोण थोड़ा सा अधिक होता है। क्यों?

[7] ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
Chapter: [7] ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
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मेथेनॉल की तुलना में फ़ीनॉल का कार्बन-ऑक्सीजन आबंध थोड़ा-सा अधिक प्रबल क्यों होता है?

[7] ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
Chapter: [7] ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
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गरम जल में FeCl3 डालकर बनाया गया Fe(OH)3 का कोलॉइड धन आवेशित क्यों होता है?

[5] पृष्ठ रसायन
Chapter: [5] पृष्ठ रसायन
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कॉलम I में विलयन बनाने की विधियाँ दी गई हैं इन्हें कॉलम II में दिए गए विलयन के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) सल्फर की वाष्प को ठंडे जल से प्रवाहित किया जाता है (a) सामान्य वैद्युत् अपघट्य विलयन
(ii) क्रांतिक मिसेल सांद्रता से अधिक सांद्रता में जल में मिश्रित साबुन (b) आणिवक कोलॉइड
(iii) जल के साथ फेंटी गई अण्डे की सफेदी (c) सहचारी कोलॉइड
(iv) क्रांतिक मिसेल सांद्रता से कम सांद्रता में जल में मिश्रित साबुन (d) वृहदाणिवक कोलॉइड
[5] पृष्ठ रसायन
Chapter: [5] पृष्ठ रसायन
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कॉलम I में दिए गए कथनों को कॉलम II में दी गई परिघटनाओं से सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) परिक्षेपित माध्यम विद्युत् क्षेत्र में गति करता है।
(a) परासरण
(ii) विलायक के अणु अर्धपारगम्य झिल्ली से
(b) वैद्युत् कण-संचलन पार होकर विलायक की ओर जाते हैं।
(iii) आवेशित कोलॉइडी कण लगाए गए विद्युत (c) वैद्युत परासरण विभव के प्रभाव से विपरीत आवेशित इलेक्टोडों की ओर गति करते हैं।
(iv) विलायक के अणु अर्धपारगम्य झिल्ली को पार (d) प्रतिलोम परासरण करके विलयन की ओर जाते हैं।
[5] पृष्ठ रसायन
Chapter: [5] पृष्ठ रसायन
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‘जालक बिन्द’ से क्या तात्पर्य है?

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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एकक कोष्ठिका को अभिलक्षणित करने वाले पैरामीटरों के नाम बताइए।

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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यदि आपको किसी अज्ञात धातु का घनत्व एवं एकक कोष्ठिका की विमाएँ ज्ञात हैं तो क्या आप उसके परमाण्विक द्रव्यमान की गणना कर सकते हैं? स्पष्ट कीजिए।

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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‘किसी क्रिस्टल की स्थिरता उसके गलनांक के परिमाण द्वारा प्रकट होती है।’ टिप्पणी कीजिए। किसी आँकड़ा पुस्तक से जल, एथिल ऐल्कोहॉल, डाइएथिल ईथर तथा मेथेन के गलनांक एकत्र करें। इन अणुओं के मध्य अन्तराआण्विक बलों के बारे में आप क्या कह सकते हैं?

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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निम्नलिखित युग्मों के पदों (शब्दों) में कैसे विभेद करोगे?

क्रिस्टल जालक एवं एकक कोष्ठिका

[1] ठोस अवस्था
Chapter: [1] ठोस अवस्था
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