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निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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अंकुरित होने से ठूँठ हो जाने तक जहाँ भी खड़ा हो हत्या या आत्महत्या नहीं करता है पेड़। पेड़ करता है सभी का स्वागत, |
(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के वचन पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (२)
- आँधियाँ - ______
- साँसें - ______
- सड़कें - ______
- हवाएँ - ______
(३) ‘पेड़ मनुष्य को प्रेरणा देता है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: पेड़ होने का अर्थ
निम्नलिखित पद्वांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
| हमारी साँसों के लिए शुद्ध हवा बीमारी के लिए दवा शवयात्रा, शगुन या बारात सभी के लिए देता है पुष्पों की सौगात आदिकाल से आज तक सुबह-शाम, दिन-रात हमेशा देता आया है मनुष्य का साथ कवि को मिला कागज, कलम, स्याही वैद, हकीम को दवाई शासन या प्रशासन सभी के बैठने के लिए कुर्सी, मेज, आसन जो हम उपयोग नहीं करें वृक्ष के पास ऐसी एक भी नहीं चीज है। |
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]

- निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: [2]
- बीमारियाँ - ______
- दवाई - ______
- कुर्सियाँ - ______
- चीज़ - ______
- “पेड़ हमारा दाता है" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: पेड़ होने का अर्थ
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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बदले वक्त के साथ बदलते समय के नये मूल्यों को भी पहचानकर हमें अपनाना है पर यहाँ ‘पहचान’ शब्द को रेखांकित करो। बिना समझे, बिना पहचाने कुछ भी नया अपनाने से लाभ के बजाय हानि उठानी पड़ सकती है। पश्चिमी दुनिया का हर मूल्य हमारे लिए नये मूल्य का पर्याय नहीं हो सकता। हमारे बहुत-से पुराने मूल्य अब इतने टूट-फूट गए हैं कि उन्हें भी जैसे-तैसे जोड़कर खड़ा करने का मतलब होगा, अपने आधार को कमजोर करना। या यूँ भी कह सकते हैं कि अपनी अच्छी परंपराओं को रूढ़ि में ढालना। समय के साथ अपना अर्थ खो चुकी या वर्तमान प्रगतिशील समाज को पीछे ले जाने वाली समाज की कोई भी रीति-नीति रूढ़ि है, समय के साथ अनुपयोगी हो गए मूल्यों को छोड़ती और उपयोगी मूल्यों को जोड़ती निरंतर बहती धारा परंपरा है, जो रूढ़ि की तरह स्थिर नहीं हो सकती। यही अंतर है दोनों में। रूढ़ि स्थिर है, परंपरा निरंतर गतिशील। एक निरंतर बहता निर्मल प्रवाह, जो हर सड़ी-गली रूढ़ि को किनारे फेंकता और हर भीतरी-बाहरी, देशी-विदेशी उपयोगी मूल्य को अपने में समेटता चलता है। इसीलिए मैंने पहले कहा है कि अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई लाभ नहीं, आज नहीं तो कल, वे जर्जर मूल्य भरहराकर गिरेंगे ही। |
(१) कारण लिखिए: (२)
- बदले वक्त के साथ नए मूल्यों को पहचानकर हमें अपनाना है
- अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई नहीं है
(२) उपर्युक्त गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: (२)
| (१) | |
| (२) | |
| (३) | |
| (४) |
(३) ‘बदलते समय के साथ हमारे मूल्यों में भी परिवर्तन आवश्यक है’ इस विषय पर अपना मत ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट कीजिए। (२)
Concept: सुनो किशोरी
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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सुनो सुगंधा! तुम्हारा पत्र पाकर खुशी हुई। तुमने दोतरफा अधिकार की बात उठाई है, वह पसंद आई। बेशक, जहाँ जिस बात से तुम्हारी असहमति हो; वहाँ तुम्हें अपनी बात मुझे समझाने का पूरा अधिकार है। मुझे खुशी ही होगी तुम्हारे इस अधिकार प्रयोग पर। इससे राह खुलेगी और खुलती ही जाएगी। जहाँ कहीं कुछ रुकती दिखाई देगी; वहाँ भी परस्पर आदान-प्रदान से राह निकाल ली जाएगी। अपनी-अपनी बात कहने-सुनने में बंधन या संकोच कैसा? मैंने तो अधिकार की बात यों पूछी थी कि मैं उस बेटी की माँ हूँ जो जीवन में ऊँचा उठने के लिए बड़े ऊँचे सपने देखा करती है; आकाश में अपने छोटे-छोटे डैनों को चौड़े फैलाकर। धरती से बहुत ऊँचाई में फैले इन डैनों को यथार्थ से दूर समझकर भी मैं काटना नहीं चाहती। केवल उनकी डोर मजबूत करना चाहती हूँ कि अपनी किसी ऊँची उड़ान में वे लड़खड़ा न जाएँ। इसलिए कहना चाहती हूँ कि ‘उड़ो बेटी, उड़ो, पर धरती पर निगाह रखकर।’ कहीं ऐसा न हो कि धरती से जुड़ी डोर कट जाए और किसी अनजाने-अवांछित स्थल पर गिरकर डैने क्षत-विक्षत हो जाएँ। ऐसा नहीं होगा क्योंकि तुम एक समझदार लड़की हो। फिर भी सावधानी तो अपेक्षित है ही। यह सावधानी का ही संकेत है कि निगाह धरती पर रखकर उड़ान भरी जाए। उस धरती पर जो तुम्हारा आधार है- उसमें तुम्हारे परिवेश का, तुम्हारे संस्कार का, तुम्हारी सांस्कृतिक परंपरा का, तुम्हारी सामर्थ्य का भी आधार जुड़ा होना चाहिए। हमें पुरानी-जर्जर रूढ़ियों को तोड़ना है, अच्छी परंपराओं को नहीं। |
(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (२)
- आनंद -
- नभ -
- पुत्री -
- सजगता -
(३) ‘वर्तमान पीढ़ी के युवक-युवतियों का जीवन के प्रति बदला दृष्टिकोण’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ३० शब्दों में स्पष्ट लिखिए। (२)
Concept: सुनो किशोरी
कैलाश सेंगर जी की प्रसिद्ध रचनाओं के नाम - ______
Concept: चुनिंदा शेर
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है। परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक। हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए। चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है। |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(१) उत्तर लिखिए: (१)
- परिंदों को यह शिकायत है:
(२) परिणाम लिखिए: (१)
- हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए:
(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए: (२)
- पक्षी - ______
- सपना - ______
- प्रश्न - ______
- उत्तर - ______
(३) ‘व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए’ इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: चुनिंदा शेर
आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए ‘चुनिंदा शेर’ कविता का रसास्वादन कीजिए।
Concept: चुनिंदा शेर
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए।
‘मनुष्य के स्वार्थ के कारण रिश्तों में आई दूरी’, ‘कोखजाया’ इस पाठ के आधार पर अपना मंतव्य लिखिए।
Concept: कोखजाया
निम्नलिखित प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
लेख विधा की विशेषताएँ लिखिए।
Concept: कोखजाया
"बसंत और सावन ॠतु जीवन के सौंदर्य का अनुभव कराते हैं।" इस कथन के आधार पर कविता 'सुनु रे सखिया' का रसास्वादन कीजिए।
Concept: लोकगीत
लोकगीतों की दो विशेषताएँ लिखिए।
Concept: लोकगीत
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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नीचे की घाटी से सुनो कनु, सुनो अब इन सूने शिखरों, मृत्यु घाटियों में बने |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए: (२)

(२) पद्यांश में आए हुए निम्न शब्दों का चयन परिवर्तन कीजिए: (२)
- बाँह - ______
- सेतु - ______
- लीला - ______
- घाटी - ______
(३) ‘वृक्ष की उपयोगिता’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ४५ शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: कनुप्रिया
निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
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यह आम्रवृक्ष की डाल आज यह आम की डाल आज खंड-खंड हो जाएगा तो क्या- |
(१) कारण लिखिए: (२)
- आम्रवृक्ष की डाल सदा के लिए काट दी जाएगी - ______
- छायादार अशोक वृक्ष खंड-खंड हो जाएगा - ______
(२) उचित मिलान कीजिए: (२)
| (१) | वृक्ष | टहनी |
| (२) | ग्राम | राह |
| (३) | पथ | गाँव |
| (४) | डाल | पेड़ |
(३) ‘युद्ध के दुष्परिणाम’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: कनुप्रिया
पल्लवन की विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
Concept: पल्लवन
“जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल।” इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए।
Concept: पल्लवन
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:
‘नर हो, न निराश करो मन को ', इस उक्ति का पल्लवन कीजिए।
Concept: पल्लवन
हिंदी में ‘पल्लवन’ शब्द अंग्रेजी ______ शब्द के प्रतिशब्द के रूप में आता है।
Concept: पल्लवन
फीचर लेखन की विशेषताएँ लिखिए ।
Concept: फीचर लेखन
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
फीचर लेखन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।
Concept: फीचर लेखन
