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निम्नलिखित सामासिक पद का विग्रह करके समास का भेद भी लिखिए -
सप्तर्षि
Concept: समास
'न तो तुम वहाँ जा सके, न ही मैं।' इसका सरल वाक्य होगा-
Concept: वाक्य के भेद
'सूर्योदय होते ही प्रकृति का सौंदर्य खिल उठता है।' इसका संयुक्त वाक्य होगा -
Concept: वाक्य के भेद
आपके आवाज़ उठाने पर सभी आपके साथ खड़े हो जाएँगे। इसका मिश्र वाक्य होगा-
Concept: वाक्य के भेद
निम्नलिखित वाक्यों में मिश्र वाक्य पहचानकर नीचे दिए गए सबसे सही विकल्प को चुनिए-
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आप कह सकते थे कि यह गलती आपने नहीं की है।
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यदि आप अपना पक्ष रखते, तो अवश्य ही निर्दोष सिद्ध होते।
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जब आपने गलती की ही नहीं है, तो उसका दंड आपको क्यों मिलेगा?
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चूँकि दोषी कोई और है इसलिए आप यह दोष अपने ऊपर बिलकुल मत लीजिए।
Concept: वाक्य के भेद
कॉलम 1 को कॉलम 2 के साथ सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए
| कॉलम 1 | कॉलम 2 | ||
| (1) | बिल्ली आई और दूध पी गई। | (i) | सरल वाक्य |
| (2) | यदि दूध बाहर न रखा होता, तो बिल्ली ऐसा नहीं कर पाती। |
(ii) | संयुक्त वाक्य |
| (3) | हमें बिल्ली का जूठा दूध फैंकना पड़ा। | (iii) | मिश्र वाक्य |
Concept: वाक्य के भेद
कॉलम 1 को कॉलम 2 के साथ सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए-
| कॉलम 1 | कॉलम 2 | ||
| (1) | भारत द्वारा मैच जीत लिया गया। | (i) | कर्तृवाच्य |
| (2) | गेंदबाज़ों ने मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया। | (ii) | कर्मवाच्य |
| (3) | विपक्षी बल्लेबाज़ों से क्रीज़ पर रुका नहीं जा सका। | (iii) | भाववाच्य |
Concept: वाच्य और वाच्य के भेद
इनमें कर्मवाच्य का उदाहरण है-
Concept: वाच्य और वाच्य के भेद
इनमें कर्तृवाच्य का उदाहरण है-
Concept: वाच्य और वाच्य के भेद
'दादी जी पढ़ नहीं सकतीं।' इसका भाववाच्य होगा-
Concept: वाच्य और वाच्य के भेद
'बिना सहारे बूढ़ी माँ से अब चला नहीं जाता है।' इसका कर्तृवाच्य होगा-
Concept: वाच्य और वाच्य के भेद
'चारों ओर छाई हरियाली मनमोहक लग रही थी।' रेखांकित अंश का पद-परिचय होगा-
Concept: पद परिचय
'ड्राइवर ने ज़ोर से ब्रेक मारे।' रेखांकित अंश का पद-परिचय होगा-
Concept: पद परिचय
'यह पुस्तक मैंने तब खरीदी थी, जब मैं पंद्रह वर्ष का था।' रेखांकित अंश का पद-परिचय होगा-
Concept: पद परिचय
'हालदार साहब ने पान खाया।' रेखांकित अंश का पद-परिचय होगा-
Concept: पद परिचय
कुछ लड़के बाहर खेल रहे हैं। चाय में कुछ पड़ा है। दोनों वाक्यों के कुछ का सामान्य पद-परिचय होगा-
Concept: पद परिचय
"अर्थ बिना कब पूर्ण हैं, शब्द, सकल जग-काज।
अर्थ अगर आ जाए तो, ठाठ-बाट औ राज।।"
इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है-
Concept: अलंकार
"कैसे कलुषित प्राण हो गए।
मानो मन पाषाण हो गए।।”
इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-
Concept: अलंकार
"इधर उठाया धनुष क्रोध में और चढ़ाया उस पर बाण।
धरा, सिंधु, नभ कॉँपे सहसा, विकल हुए जीवों के प्राण।।”
इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -
Concept: अलंकार
"एक दिवस सूरज ने सोची, छुट्टी ले लेने की बात।
सोचा कुछ पल सुकूँ मिलेगा, चलने दो धरती पर रात।।”
इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-
Concept: अलंकार
