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Chapters
2: आँकड़ों का संग्रह
3: आँकड़ों का संगठन
▶ 4: आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण
5: केंद्रीय प्रवृत्ति की माप
6: सहसंबंध
7: सूचकांक
Chapter 8: सांख्यिकीय विधियों के उपयोग
![NCERT solutions for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] इयत्ता ११ chapter 4 - आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण NCERT solutions for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] इयत्ता ११ chapter 4 - आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण - Shaalaa.com](/images/arthashastra-me-sankhyiki-hindi-class-11_6:8fa7015224ea4206944233dd43f95c8d.jpg)
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Solutions for Chapter 4: आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण
Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] इयत्ता ११.
NCERT solutions for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] इयत्ता ११ 4 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण अभ्यास [Pages 55 - 57]
निम्नलिखित 1 से 10 तक के प्रश्नों के सही उत्तर चुनें।
दंड-आरेख
एक विमी आरेख है
द्विविम आरेख है
विम रहित आरेख है
इनमें से कोई नहीं है
आयत चित्र के माध्यम से प्रस्तुत किये गये आँकड़ों से आलेखी रूप से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
माध्य
बहुलक
मध्यिका
उपर्युक्त सभी
तोरणों के द्वारा आरेखी रूप में निम्नलिखित में से किसकी स्थिति जानी जा सकती है।
बहुलक
माध्य
मध्यिका
उपर्युक्त कोई भी नहीं
अंकगणितीय रेखा चित्र के द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों से निम्न को समझने में मदद मिलती है
दीर्घकालिक प्रवृत्ति
आँकड़ों में चक्रीयता
आँकड़ों में कालिकता
उपर्युक्त सभी
निम्नलिखित कथनों में से सही या गलत बताएँ
दंड आरेख के दंडों की चौड़ाई का एक समान होना जरूरी नहीं है।
सही
गलत
आयत चित्र में आयतों की चौड़ाई अवश्य एक समान होनी चाहिए।
सही
गलत
आयत चित्र की रचना केवल आँकड़ों के सतत वर्गीकरण के लिए की जा सकती है।
सही
गलत
आयत चित्र एवं स्तंभ आरेख आँकड़ों को प्रस्तुत करने की एक जैसी विधियाँ हैं।
सही
गलत
आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।
सही
गलत
आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।
सही
गलत
तोरणों से बारंबारता वितरण की मध्यिका को नहीं जाना जा सकता है।
सही
गलत
निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।
वर्ष-विशेष की मासिक वर्षा
निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।
धर्म के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या का संघटन
निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है?
एक कारखाने में लागत के घटक
मान लीजिए कि आप भारत में शहरी गैर-श्रमिकों की हिस्सेदारी में वृद्धि और भारत में शहरीकरण के निचले स्तर पर जोर देना चाहते हैं, जैसे की उदाहरण ४.२ में दिखाया गया है। आप इसे सारणीबद्ध रूप में कैसे करेंगे?
यदि किसी बारंबारता सारणी में समान वर्ग अंतरालों की तुलना में वर्ग अंतराल असमान हों, तो आयत चित्र बनाने की प्रक्रिया किस प्रकार भिन्न होगी?
भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।
उपर्युक्त आँकड़ों को सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत करें।
भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।
मान लीजिए, आप इस आँकड़े को आरेख के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं तो आप कौन-सा आरेख चुनेंगे और क्यों?
भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।
इन आँकड़ों को आरेखी रूप में प्रस्तुत करें।
निम्नलिखित सारणी में कारक लागत पर सकल घरेलू उत्पाद में क्षेत्रकवार अनुमानित वास्तविक संवृद्धि दर को (पिछले वर्ष से प्रतिशत परिवर्तन प्रस्तुत) किया गया है।
| वर्ष | कृषि और संबद्ध क्षेत्र | उद्योग | सेवाएँ |
| 1994-95 | 5.0 | 9.2 | 7.0 |
| 1995-96 | -0.9 | 11.8 | 10.3 |
| 1996-97 | 9.6 | 6.0 | 7.1 |
| 1997-98 | -1.9 | 5.9 | 9.0 |
| 1998-99 | 7.2 | 4.0 | 8.3 |
| 1999-2000 | 0.8 | 6.9 | 8.2 |
उपर्युक्त आँकड़ों को बहु काल-श्रेणी आरेख द्वारा प्रस्तुत करें।
Solutions for 4: आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण
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NCERT solutions for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] इयत्ता ११ chapter 4 - आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण
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