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NCERT solutions for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] कक्षा ११ chapter 4 - आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण [Latest edition]

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Solutions for Chapter 4: आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण

Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] कक्षा ११.


अभ्यास
अभ्यास [Pages 55 - 57]

NCERT solutions for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] कक्षा ११ 4 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण अभ्यास [Pages 55 - 57]

निम्नलिखित 1 से 10 तक के प्रश्नों के सही उत्तर चुनें।

1.Page 55

दंड-आरेख

  • एक विमी आरेख है

  • द्विविम आरेख है

  • विम रहित आरेख है

  • इनमें से कोई नहीं है

2.Page 55

आयत चित्र के माध्यम से प्रस्तुत किये गये आँकड़ों से आलेखी रूप से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं

  • माध्य

  • बहुलक

  • मध्यिका

  • उपर्युक्त सभी

3.Page 56

तोरणों के द्वारा आरेखी रूप में निम्नलिखित में से किसकी स्थिति जानी जा सकती है।

  • बहुलक

  • माध्य

  • मध्यिका

  • उपर्युक्त कोई भी नहीं

4.Page 56

अंकगणितीय रेखा चित्र के द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों से निम्न को समझने में मदद मिलती है

  • दीर्घकालिक प्रवृत्ति

  • आँकड़ों में चक्रीयता

  • आँकड़ों में कालिकता

  • उपर्युक्त सभी

निम्नलिखित कथनों में से सही या गलत बताएँ

5. (i)Page 56

दंड आरेख के दंडों की चौड़ाई का एक समान होना जरूरी नहीं है।

  • सही

  • गलत

5. (ii)Page 56

आयत चित्र में आयतों की चौड़ाई अवश्य एक समान होनी चाहिए। 

  • सही

  • गलत

5. (iii)Page 56

आयत चित्र की रचना केवल आँकड़ों के सतत वर्गीकरण के लिए की जा सकती है।

  • सही

  • गलत

5. (iv)Page 56

आयत चित्र एवं स्तंभ आरेख आँकड़ों को प्रस्तुत करने की एक जैसी विधियाँ हैं।

  • सही

  • गलत

5. (v)Page 56

आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।

  • सही

  • गलत

5. (vi)Page 56

आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।

  • सही

  • गलत

5. (vii)Page 56

तोरणों से बारंबारता वितरण की मध्यिका को नहीं जाना जा सकता है।

  • सही

  • गलत

6. (क)Page 56

निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।

वर्ष-विशेष की मासिक वर्षा

6. (ख)Page 56

निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।

धर्म के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या का संघटन

6. (ग)Page 56

निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है?
एक कारखाने में लागत के घटक

7.Page 56

मान लीजिए कि आप भारत में शहरी गैर-श्रमिकों की हिस्सेदारी में वृद्धि और भारत में शहरीकरण के निचले स्तर पर जोर देना चाहते हैं, जैसे की उदाहरण ४.२ में दिखाया गया है। आप इसे सारणीबद्ध रूप में कैसे करेंगे?

8.Page 56

यदि किसी बारंबारता सारणी में समान वर्ग अंतरालों की तुलना में वर्ग अंतराल असमान हों, तो आयत चित्र बनाने की प्रक्रिया किस प्रकार भिन्न होगी?

9. (क)Page 57

भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।

उपर्युक्त आँकड़ों को सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत करें।

9. (ख)Page 57

भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।

मान लीजिए, आप इस आँकड़े को आरेख के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं तो आप कौन-सा आरेख चुनेंगे और क्यों?

9. (ग)Page 57

भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।

इन आँकड़ों को आरेखी रूप में प्रस्तुत करें।

10.Page 57

निम्नलिखित सारणी में कारक लागत पर सकल घरेलू उत्पाद में क्षेत्रकवार अनुमानित वास्तविक संवृद्धि दर को (पिछले वर्ष से प्रतिशत परिवर्तन प्रस्तुत) किया गया है।

वर्ष कृषि और संबद्ध क्षेत्र उद्योग सेवाएँ
1994-95 5.0 9.2 7.0
1995-96 -0.9 11.8 10.3
1996-97 9.6 6.0 7.1
1997-98 -1.9 5.9 9.0
1998-99 7.2 4.0 8.3
1999-2000 0.8 6.9 8.2

उपर्युक्त आँकड़ों को बहु काल-श्रेणी आरेख द्वारा प्रस्तुत करें।

Solutions for 4: आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण

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NCERT solutions for अर्थशास्त्र में सांख्यिकी [हिंदी] कक्षा ११ chapter 4 - आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण

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