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Chapters
2: अम्ल, क्षारक एवं लवण
3: धातु एवं अधातु
4: कार्बन एवं उसके यौगिक
5: तत्वों का आर्वत वर्गीकरण
6: जैव प्रक्रम
7: नियंत्रण और समन्वय
8: जीव जनन कैसे करते हैं?
9: आनुवंशिकता एवं जैव विकास
10: प्रकाश- परावर्तन तथा अपरवर्तन
11: मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार
12: विद्दुत
▶ 13: विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव
14: ऊर्जा के स्त्रोत
15: हमारा पर्यावरण
16: प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
![NCERT Exemplar solutions for विज्ञान एक्सेम्पलर [हिन्दी] इयत्ता १० chapter 13 - विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव NCERT Exemplar solutions for विज्ञान एक्सेम्पलर [हिन्दी] इयत्ता १० chapter 13 - विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव - Shaalaa.com](/images/vigyan-exemplar-hindi-class-10_6:ce15df99555241be9838913a7b668a3e.png)
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Solutions for Chapter 13: विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव
Below listed, you can find solutions for Chapter 13 of CBSE NCERT Exemplar for विज्ञान एक्सेम्पलर [हिन्दी] इयत्ता १०.
NCERT Exemplar solutions for विज्ञान एक्सेम्पलर [हिन्दी] इयत्ता १० 13 विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव Exemplar [Pages 97 - 101]
चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के संबंध में निम्न में से असत्य प्रकथन का चयन कीजिए :
किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा वह होती है जिस ओर किसी चुंबकीय दिक्सूची का उत्तर ध्रुव संकेत करता है
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ बंद वक्र की होती हैं
यदि चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समांतर तथा समदूरस्थ हैं, तो वे शून्य क्षेत्र तीव्रता निरूपित करती हैं
चुंबकीय क्षेत्र की आपेक्षिक प्रबलता क्षेत्र रेखाओं की निकटता की कोटि द्वारा दर्शायी जाती है
यदि चित्र की व्यवस्था में प्लग से कुंजी निकाल कर (परिपथ को खोल कर) क्षैतिज तल ABCD पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचें तो ये रेखाएँ होती हैं :

संकेंद्री वृत्त
दीर्घवृत्ताकार
एक दूसरे के समांतर सरल रेखाएँ
बिंदु O के निकट संकेंद्री वृत्त परंतु दूर जाने पर दीर्घवृत्ताकार
कागज के तल के लंबवत् तल में रखे वृत्ताकार पाश में कुंजी को बंद करने पर धारा प्रवाहित होती है। बिंदु A तथा B (जो कागज़ के तल में तथा पाश के अक्ष पर हैं) से देखने पर पाश में प्रवाहित धारा क्रमशः वामावर्त तथा दक्षिणावर्त है। चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ B से A की ओर संकेत करती हैं। परिणामी चुंबक का उत्तर ध्रुव उस फलक पर होगा जो निकट है

बिंदु A के
बिंदु B के
बिंदु A के यदि धारा कम है, तथा बिंदु B के यदि धारा अधिक है
बिंदु B के यदि धारा कम है, तथा बिंदु A के यदि धारा अधिक है।
किसी लंबी सीधी परिनालिका में धारा प्रवाहित करने पर इसके दोनों सिरों पर N तथा S ध्रुव बन जाते हैनिम्न में से कौन-सा असत्य प्रकथन है?
परिनालिका के भीतर क्षेत्र रेखाएँ, सरल रेखाओं के रूप में होती हैं जो यह निर्दिष्ट करता हैं कि परिनालिका के भीतर सभी बिंदुओं पर चुंबकीय क्षेत्र समान होता है
परिनालिका के भीतर उत्पन्न प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग चुंबकीय पदार्थ जैसे नर्म लोहे के टुकड़ों को, परिनालिका के भीतर रखकर, चुंबकित करने में किया जा सकता है
परिनालिका से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र का पैटर्न छड़ चुंबक के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र के पैटर्न से भिन्न होता है
परिनालिका में प्रवाहित धारा की दिशा उत्क्रमित करने पर N तथा S ध्रुवों की अदला-बदली हो जाती है
चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बाएं से दायीं ओर संकेत करते हुए कोई एक समान चुंबकीय क्षेत्र है। चित्र में दर्शाए अनुसार एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन इस चुंबकीय क्षेत्र में गति करते हैं। इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन द्वारा अनुभव बलों की दिशाएँ क्या हैं?

दोनों पर कागज़ के तल की ओर संकेत करते हुए
दोनों कागज़ के तल से बाहर की ओर संकेत करते हुए
इलेक्ट्रॉन पर कागज़ के तल की ओर तथा प्रोटॉन पर कागज़ के तल से बाहर की ओर संकेत करते हुए
इलेक्ट्रॉन पर एक समान चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के विपरीत तथा प्रोटॉन पर क्षेत्र की दिशा के अनुदिश संकेत करते हुए
व्यापारिक विद्युत मोटरों में निम्नलिखित में से किसका उपयोग नहीं किया जाता है?
आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए विद्युत चुंबक
विद्युतवाही कुंडली में चालक तार के फेरों की प्रभावी अधिक संख्या
आर्मेचर को घूर्णित करने के लिए स्थायी चुंबक
कुंडली को लपेटने के लिए नर्म लोह या कोड
चित्र में दर्शायी गयी व्यवस्था में दो कुंडलियाँ किसी अचालक बेलनाकार छड़ पर लिपटी हैं। आरंभ में प्लग में कुंजी नहीं लगी है।इसके पश्चात् प्लग में कुंजी लगाकर फिर हटा ली जाती है। तब ______

गैल्वेनोमीटर में सदैव विक्षेप शून्य रहता है।
गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होता है परंतु यह शीघ्र ही समाप्त हो जाता है तथा प्लग को हटाने पर इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होते हैं जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैं। ये विक्षेप समान दिशा में होते हैं
गैल्वेनोमीटर में क्षणिक विक्षेप होते हैं जो शीघ्र ही समाप्त हो जाते हैंये विक्षेप विपरीत दिशाओं में होते हैं
निम्नलिखित में असत्य प्रकथन का चयन कीजिए :
प्रेरित धारा की दिशा जानने के लिए फ्लेमिंग दक्षिण हस्त नियम एक सरल नियम है
धारावाही चालक के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा जानने के लिए दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम उपयोग किया जाता है
दिष्ट तथा प्रत्यावर्ती धाराओं में यह अंतर है कि दिष्ट धारा सदैव एक ही दिशा में प्रवाहित होती है, जबकि प्रत्यावर्ती धारा की दिशा आवर्ती रूप से उत्क्रमित होती है
भारत में प्रत्यावर्ती धारा में प्रत्येक `1/50` सेकंड के पश्चात दिशा परिवर्तन होता है
चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में स्थित किसी क्षैतिज तार में पूर्व से पश्चिम की ओर कोई नियत धारा प्रवाहित हो रही है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा उत्तर से दक्षिण की ओर उस बिंदु पर होगी जो ______

तार के ठीक ऊपर है
तार के ठीक नीचे है
कागज के तल में तार के उत्तर में स्थित है
कागज़ के तल में तार के दक्षिण में स्थित है
किसी लंबी सीधी धारावाही परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता ______
केंद्र की अपेक्षा सिरों पर अधिक होती है
मध्य में सबसे कम होती है
सभी बिंदुओं पर समान होती है
एक सिरे से दूसरे सिरे की ओर बढ़ती जाती है
AC जनित्र को DC जनित्र में परिवर्तित करने के लिए ______
विभक्त वलय दिक्परिवर्तक का उपयोग किया जाता है
सर्पी वलयों एवं ब्रुशों का उपयोग किया जाता है
अधिक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किया जाता है
तार के आयताकार पाश का उपयोग किया जाता है
घरेलू साधित्रों को लघुपथन अथवा अतिभारण से बचाने के लिए उपयोग किया जाने वाला सर्वाधिक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय क्या है?
भूसंपर्कण
फ्यूज़ का उपयोग
स्टैबिलाइजर (Stabilizer) का उपयोग
विद्युत मीटरों का उपयोग
कोई चुंबकीय दिक्सूची चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बिंदु A के समीप रखी है। किसी सीधे धारावाही चालक को बिंदु A से गुजरते हुए किस तल में रखें ताकि दिक्सूची के विक्षेप में कोई परिवर्तन न हो ? किस स्थिति में विक्षेप अधि कतम होगा और क्यों?

धारावाही परिनालिका के उपयोग द्वारा किन अवस्थाओं में स्थायी विद्युत चुंबक प्राप्त किया जाता है? परिपथ आरेख खींचकर उत्तर की पुष्टि कीजिए।
चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में कोई धारावाही चालक AB स्थित है। इसके द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र के बिंदुओं P तथा 9 पर दिशाएँ क्या हैं? दिया हुआ है कि r1 > r2 है, तब चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता कहाँ पर अधिक होगी?

किसी धारावाही तार के निकट चुंबकीय दिक्सूची रखने पर यह विक्षेप दर्शाती है। यदि तार में प्रवाहित धारा में वृद्धि कर दी जाए, तो दिक्सूची के विक्षेप पर क्या प्रभाव पड़ेगा? कारण सहित उत्तर की पुष्टि कीजिए।
यह स्थापित हो चुका है कि किसी धातु के चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर इसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। क्या
- एल्फा कणों तथा
- न्यूट्रॉनों
के पतले पुंजों के गति करने पर भी इन पुंजों के चारों ओर इसी प्रकार के चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होंगे। अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम में अंगूठे की दिशा क्या निर्दिष्ट करती है? यह नियम किस प्रकार फ्लेमिंग वामहस्त नियम से भिन्न है?
मीना किसी धारावाही वृत्ताकार पाश के अक्ष के निकट चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचती है। वृत्ताकार पाश के केंद्र से दूर जाने पर वह यह प्रेक्षण करती है कि चुंबकीय रेखाएँ अपसरित हो रही हैं। आप उसके प्रेक्षण का स्पष्टीकरण कैसे करेंगे?
किसी सीधी धारावाही परिनालिका के सिरों के निकट चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का अपसरण क्या निर्दिष्ट करता है?
ऐसे चार साधित्रों के नाम लिखिए जिनमें विद्युत मोटर, विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में रुपांतरित करने वाली घूर्णीयुक्ति का उपयोग एक महत्वपूर्ण अवयव के रूप में किया जाता है। विद्युत मोटर किस प्रकार जनित्र से भिन्न होती हैं?
सरल विद्युत मीटर में दो स्थिर चालक ब्रुशों की क्या भूमिका होती है?
दिष्ट धारा तथा प्रत्यावती धारा में क्या अंतर है? भारत में उपयोग होने वाली प्रत्यावर्ती धारा की दिशा एक सेकंड में कितनी बार परिवर्तित होती है?
किसी भी विद्युत साधित्र के साथ श्रेणी क्रम में उपयोग किए जाने वाले फ्यूज़ की क्या भूमिका होती है? किसी निर्धारित अनुमतांक के फ्यूज़ को अधिक अनुमतांक के फ्यूज़ द्वारा प्रतिस्थापित क्यों नहीं करना चाहिए?
उत्तर दक्षिण की ओर संकेत करने वाली चुंबकीय दिक्सूची, जिसके समीप कोई चुंबक नहीं हैके निकट कोई छड़ चुंबक अथवा धारावाही पाश लाने पर, विक्षेपित क्यों हो जाती है? चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की परिकल्पना के कुछ प्रमुख लक्षणों का वर्णन कीजिए।
नामांकित परिपथ आरेख की सहायता से किसी सीधे लंबे धारावाही चालक तार के चारों ओर की चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के पैटर्न की व्याख्या कीजिए। किसी धारावाही चालक से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने में दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम किस प्रकार उपयोगी है?
किसी वृत्ताकार पाश में प्रवाहित धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र का आरेख खींचिए। ऐसा क्यों है कि n फेरों की किसी वृत्ताकार कुंडली से किसी बिंदु पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र एक फेरे द्वारा उसी बिंदु पर उत्पन्न क्षेत्र का n गुना होता है।
उस क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए जो यह दर्शाता है कि किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित कोई धारावाही चालक एक बल अनुभव करता है जो उसकी लंबाई तथा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत् होता है। फ्लेमिंग का वामहस्त नियम किसी धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने में हमारी सहायता किस प्रकार करता है? स्पष्ट कीजिए।
किसी सरल विद्युत मोटर का नामांकित परिपथ आरेख खींचकर इसकी कार्यविधि स्पष्ट कीजिए। सरल विद्युत मोटर व्यापारिक मोटरों से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
वैद्युत चुंबकीय प्रेरण की परिघटना स्पष्ट कीजिए। यह दर्शाने के लिए किसी प्रयोग का वर्णन कीजिए कि जब किसी बंद पाश से गुजरने वाले बाह्य चुंबकीय क्षेत्र में कमी अथवा वृद्धि होती है, तो उस पाश में विद्युतधारा प्रवाहित होती है।
नामांकित परिपथ आरेख की सहायता से किसी AC जनित्र की कार्यविधि का वर्णन कीजिए। इसे DC जनित्र में परिवर्तित करने के लिए इस व्यवस्था में क्या परिवर्तन किए जाने चाहिए?
Solutions for 13: विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव
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NCERT Exemplar solutions for विज्ञान एक्सेम्पलर [हिन्दी] इयत्ता १० chapter 13 - विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव
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Concepts covered in विज्ञान एक्सेम्पलर [हिन्दी] इयत्ता १० chapter 13 विद्दुत धारा के चुंबकीय प्रभाव are चुंबकीय क्षेत्र, क्षेत्र रेखाएँ, किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र, सीधे चालक से विद्युत धारा प्रवाहित होने के कारण चुंबकीय क्षेत्र, दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम, विद्युत धारावाही वृत्ताकार पाश के कारण चुंबकीय क्षेत्र, परिनालिका में प्रवाहित विद्युत धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र, चुंबकीय क्षेत्र में किसी विद्युत धारावाही चालक पर बल, घरेलू विद्युत परिपथ, विद्युत मोटर, वैद्युतचुंबकिय प्रेरण, विद्युत जनित्र.
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