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प्रश्न
कोई चुंबकीय दिक्सूची चित्र में दर्शाए अनुसार कागज़ के तल में बिंदु A के समीप रखी है। किसी सीधे धारावाही चालक को बिंदु A से गुजरते हुए किस तल में रखें ताकि दिक्सूची के विक्षेप में कोई परिवर्तन न हो ? किस स्थिति में विक्षेप अधि कतम होगा और क्यों?

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उत्तर
हम जानते हैं कि जब चुंबकीय क्षेत्र और धारा की दिशा एक दूसरे के लम्बवत् होती है, तो विक्षेपण अधिकतम होता है। लेकिन जब वे एक ही तल पर होते हैं, तो कोई विक्षेपण नहीं होता है।
यदि हम धारावाही चालक को कागज के तल में इस प्रकार रखते हैं कि यह A से होकर गुजरता है, तो इसके द्वारा उत्पन्न क्षेत्र कागज के तल के लम्बवत् और दिक्सूचक सुई के ऊर्ध्वाधर अक्ष के समांतर होता है। परिणामस्वरूप, दिक्सूचक की सुई का कोई विक्षेप नहीं होगा।

दिक्सूची सुई में विक्षेपण अधिकतम होगा जब चालक A से गुजरता है और कागज के तल के लंबवत होता है।
