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Science (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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कवि ने लोगों के आत्मनिर्भर, मालामाल और गतिशील होने के लिए किन तरीकों की ओर संकेत किया है? अपने शब्दों में लिखिए।

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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हाथ फैलाने वाले व्यक्ति को कवि ने ईमानदार क्यों कहा है? स्पष्ट कीजिए।

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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'मैं तुम्हारा विरोधी प्रतिद्वंद्वी या हिस्सेदार नहीं' से कवि का क्या अभिप्राय है?

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
1947 के बाद से ........... गतिशील होते देखा है

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

मानता हुआ कि हाँ मैं लाचार हूँ ........... एक मामूली धोखेबाज़

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
तुम्हारे सामने बिलकुल ............ लिया है हर होड़ से

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
कि अब जब कोई ............. या बच्चा खड़ा है।

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

मैं तुम्हारा विरोधी प्रतिद्वंद्वी ............... निश्चिंत रह सकते हैं।

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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1947 से लोग अनेक तरीके से मालामाल हुए किन्तु विमुद्रिकरण होने से उन स्थितियों में बदलाव आया या नहीं?

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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वसंत आगमन की सूचना कवि को कैसे मिली?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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'कोई छः बजे सुबह ......... फिरकी सी आई, चली गई'- पंक्ति में निहित भाव स्पष्ट कीजिए।

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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किन पंक्तियों से ज्ञात होता है कि आज मनुष्य प्रकृति के नैसर्गिक सौंदर्य की अनुभूति से वंचित है?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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'प्रकृति मनुष्य की सहचरी है' इस विषय पर विचार व्यक्त करते हुए आज के संदर्भ में इस कथन की वास्तविकता पर प्रकाश डालिए।

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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'वसंत आया' कविता में कवि की चिंता क्या है? उसका प्रतिपाद्य लिखिए?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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वसंत ऋतु पर किन्हीं दो कवियों की कविताएँ और इस कविता से उनका मिलान कीजिए?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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भारत में ऋतुओं का चक्र बताइए और उनके लक्षण लिखिए।

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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'हारेंहु खेल जितावहिं मोही' भरत के इस कथन का क्या आशय है?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
Chapter: [1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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'मैं जानउँ निज नाथ सुभाऊ' में राम के स्वभाव की किन विशेषताओं की ओर संकेत किया गया है?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
Chapter: [1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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राम के प्रति अपने श्रद्धाभाव को भरत किस प्रकार प्रकट करते हैं, स्पष्ट कीजिए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
Chapter: [1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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'महीं सकल अनरथ कर मूला' पंक्ति द्वारा भरत के विचारों-भावों का स्पष्टीकरण कीजिए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
Chapter: [1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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