मराठी

English Medium इयत्ता १० - CBSE Important Questions for Hindi Course - A

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषय
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi Course - A
< prev  101 to 120 of 366  next > 

अपनी कक्षा के प्रतिनिधि के रूप में सभी सहपाठियों को आगामी बोर्ड की परीक्षा के लिए शुभकामना का संदेश लगभग 40 शब्दों में दीजिए।

Appears in 2 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: संदेश लेखन

आप तनुज/तनुजा हैं। विद्यालय के पुस्तकालय में छात्रों को समसामयिक विषयों पर पुस्तकों का अभाव खटकता है। प्रधानाचार्य जी को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखकर इस विषय से संबंधित पुस्तकें मँगवाने के लिए निवेदन कीजिए।

Appears in 2 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: पत्रलेखन

आप विभू/विभूति हैं। अपने मित्र तेजस्विन शंकर को राष्ट्रमंडल खेल में ऊँची कूद के लिए पदक जीतने पर लगभग 100 शब्दों में बधाई-पत्र लिखिए।

Appears in 2 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: पत्रलेखन

आपका नाम दिव्य/दिव्या है। आपने इसी वर्ष बी. कॉम. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। अपनी शैक्षणिक योग्यताओं और रुचि का वर्णन करते हुए रेलवे बोर्ड में कार्यालय सहायक के रिक्त पद के लिए एक संक्षिप्त स्ववृत्त लगभग 80 शब्दों में तैयार कीजिए। 

Appears in 2 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: पत्रलेखन

ई-मेल द्वारा किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 80 शब्दों में सूचित कीजिए कि आपके निवास स्थान के आसपास अधिक वर्षा के कारण बाढ़सा माहौल बन गया है। जल-भराव से मुक्ति के लिए तुरंत सहायता अपेक्षित है।

Appears in 2 question papers
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: ई-मेल लेखन

कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: पद

गोपियों को उद्धव का शुष्क संदेश पसंद न आने का मुख्य कारण था-

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: पद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'सूर के पद' में गोपियों के माध्यम से सूरदास की भक्ति-भावना सामने आती है। इस कथन के आलोक में सूरदास की भक्ति-भावना पर टिप्पणी कीजिए। (किन्हीं दों बिन्दुओं को उत्तर में अवश्य शामिल करें)

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: पद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'सूर के पद' में प्रेम की मर्यादा का निर्वाह किसने और किस प्रकार नहीं किया?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: पद

गोपियाँ कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान पकड़े हैं - इसका आशय है -

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: पद

साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

'क्रोध से बात और अधिक बिगड़ जाती है।' 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए।

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए - 

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
इहाँ कुम्हड़बातिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी।।
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहू पा परिअ तुम्हारें।।

  1. परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
    A. राम को भयभीत करने के लिए
    B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
    C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
    D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए
  2. निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
    A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
    B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
    C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
    D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।।
  3. रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
    A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
    B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
    C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
    D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर
  4. 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
    A. व्यंग्य
    B. हास्य
    C. क्रोध
    D. वैराग्य
  5. उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
    A. वीरता
    B. धैर्य
    C. शिष्टता
    D. विनम्रता
Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में परशुराम बार-बार विश्वामित्र से लक्ष्मण की शिकायत क्यों कर रहे हैं?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण ने अपने कुल की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है? (किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए।)

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

लक्ष्मण ने वीरों के क्या लक्षण बताए?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'राम-लक्ष्मण-परशुराम' के तीनों मुख्य पात्रों में से किससे आप सर्वाधिक प्रभावित होते हैं और क्यों?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' के अंतर्गत लक्ष्मण वीरों और कायरों की कौन-सी विशेषताएँ बताते हैं और क्यों?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में 'अभी समय भी नहीं' कवि ऐसा क्यों कहता है?

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: आत्मकथ्य

आत्मकथा लिखने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है? कवि के लिए यह कार्य कठिन क्यों था? सोचकर लिखिए।

Appears in 1 question paper
Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: आत्मकथ्य
< prev  101 to 120 of 366  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×