Important Questions [7]
- निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?
- निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए: ‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने सबको साथ चलने की प्रेरणा क्यों दी है? इससे समाज को क्या लाभ हो सकता है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
- पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए - “घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते
- निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: 'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों?
- निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: 'मानव जीवन का सबसे बड़ा भय मृत्यु ही है, फिर भी 'मनुष्यता' कविता में कवि ने मृत्यु से भयभीत न होने की बात क्यों कही है?
- निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए - 'मनुष्यता' कविता में भाग्यहीन किसे और क्यों कहा गया है? अपने शब्दों में लिखिए।
- निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए: विचार लो कि मर्त्य हो न मृत्यु से डरो कभी, मरो, परंतु यों मरो कि याद जो करें सभी।
