Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यथायोग्यं श्लोकांशान् मेलयत-
| क | ख |
| धनधान्यप्रयोगेषु | नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्। |
| विस्मयो न हि कर्त्तव्यः | त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्। |
| सत्येन धार्यते पृथ्वी | बहुरत्ना वसुन्धरा। |
| सद्भिर्विवादं मैत्रीं च | विद्यायाः संग्रहेषु च। |
| आहारे व्यवहारे च | सत्येन तपते रविः। |
Advertisements
उत्तर
| क | ख |
| धनधान्यप्रयोगेषु | विद्यायाः संग्रहेषु च। |
| विस्मयो न हि कर्त्तव्यः | बहुरत्ना वसुन्धरा। |
| सत्येन धार्यते पृथ्वी | सत्येन तपते रविः। |
| सद्भिर्विवादं मैत्रीं च | नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्। |
| आहारे व्यवहारे च | त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्। |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एकपदेन उत्तरत-
पृथिव्यां कति रत्नानि?
प्रश्नानामुत्तराणि लिखत-
पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि कानि?
प्रश्नानामुत्तराणि लिखत-
त्यक्तलज्जः कुत्र सुखी भवेत्?
मञ्जूषातः पदानि चित्वा लिङ्गानुसारं लिखत-
| रत्नानि, वसुन्धरा, सत्येन, सुखी, अन्नम्, वह्निः, रविः, पृथ्वी, सङ्गतिम् |
| पुँल्लिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुसंकलिङ्गम् |
|
______ |
______ |
______ |
|
______ |
______ |
______ |
|
______ |
______ |
______ |
उच्चारणं कुरुत।
| फुल्लोत्पलम् | अवलम्ब्य | पक्त्वा |
| कम्बुग्रीवः | आवाभ्याम् | भक्षयिष्यामि |
| उक्तवान् | ह्रदम् | सुहृदाम् |
| भवद्भ्याम् | उड्डीयते | भ्रष्टः |
______ वच: मधुरसूक्तरसं सृजन्ति।
विद्याफलं ______ कृपणस्य सौख्यम्।
कस्य यश: नश्यति?
अर्थिन: केभ्य: विमुखा न यान्ति?
अधोलिखित-तद्भव-शब्दानां कृते पाठात् चित्वा संस्कृतपदानि लिखत-
कड़वा - ______
उदाहरणानुसारं पदानि पृथक् कुरुत–
महात्मनामुक्ति: = ______ + ______
मनुष्याणां महान् रिपुः कः?
गुणी किं वेत्ति?
उदयसमये अस्तसमये च क: रक्तः भवति?
केन समः बन्धुः नास्ति?
बुद्धयः कीदृश्यः भवन्ति?
नराणां प्रथमः शत्रुः कः?
सन्धि/सन्धिविच्छेदं कुरुत-
______ + ______ = गावश्च
सन्धि / सन्धिविच्छेदं कुरुत-
______ + ______ – नास्ति
